
Railway Vendors Identity
नई दिल्ली। रेलवे स्टेशनों (Railway Stations) पर अवैध तरीके से खाने-पीने का सामान बेचने वाले वेंडर्स (Food Vendors) पर लगाम लगाने के लिए अब रेलवे नया नियम लेकर आया है। जबलपुर रेल मंडल की ओर से अब लाइसेंसधारी वेंडर्स को क्यूआर कोड (QR Code) वाले पहचान पत्र दिए जा रहे हैं। जिससे गैर लाइसेंस प्राप्त दुकानदारों की पहचान करने में आसानी होगी। इससे यात्री भी वेंडर के बारे में पूरी डिटेल्स हासिल कर सकते हैं। अभी ये प्रयोग जबलपुर रेल मंडल की ओर से किया जा रहा है। इस पहल के कामयाब होने पर देश के अन्य स्टेशनों में भी ये व्यवस्था जल्दी लागू की जाएगी।
स्कैनिंग से मोबाइल पर आ जाएगी पूरी कुंडली
क्यूआर कोड एक तरह का स्कैनिंग कोड होता है। रेलवे अब वेंडर्स को इसी के साथ परिचय बनाकर देगा। जिसे हर वेंडर को गले में टांगना अनिवार्य होगा। अगर किसी भी यात्री या रेल अधिकारी को वेंडर पर शक होगा तो उस परिचय पत्र को मोबाइल से स्कैन करके उसकी पूरी जानकारी ले सकता है। इसमें वेंडर का नाम, पता, ठेकेदार का नाम, कार्ड की वैधता, कार्यस्थल, मोबाइल नंबर समेत अन्य महत्वपूर्ण डिटेल्स सीधे मोबाइल पर आ जाएगी।
क्या है क्यूआर कोड?
क्यूआर कोड का फुल फॉर्म क्विक रिस्पांस कोड यानी त्वरित जानकारी उपलब्ध कराने वाली एक खास तकनीक होती है। इसका सबसे पहले इस्तेमाल जापान में मोटर वाहन उद्योग के लिए बनाया गया था। यह पुराने बारकोड का नया वर्जन है। इसे संबंधित क्यूआर कोड रीडर या स्मार्टफोन के जरिए पढ़ा जाता है। क्यूआर कोड के जरिए ईमेल, वेबसाइट, फोन नंबर और अन्य जानकारी सीधे लिंक की जाती है।
Published on:
03 Jun 2020 04:28 pm
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