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राजनाथ सिंह ने कांग्रेस की नीयत पर उठाए सवाल, कहा – पार्टी के नेता सेना की बहादुरी पर क्यों करते हैं शक

कांग्रेस न करे सेना के सर्वोच्च बलिदान का अपमान। दोनों के बीच एलएसी पर डिसइंगेजमेंट का काम अहम पड़ाव।  

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rajnath singh

डिसइंगेजमेंट शेष मुद्दों पर समाधान निकालने में भी मददगार साबित होगा।

नई दिल्ली। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को तमिलनाडु के सलेम में भारतीय जनता युवा मोर्चा के सम्मेलन में कहा कि पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर दोनों देशों के सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। लेकिन दुर्भाग्य से कांग्रेस भारतीय सेना की बहादुरी और साहस पर संदेह कर रही है।

उन्होंने सलेम में भाजयुमो कार्यकर्ताओं से पूछा कि क्या कांग्रेस सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों का अपमान नहीं कर रही है। उन्होंने

एलएसी से दोनों देशों की सेनाओं के पीछे हटने के लिए हुए समझौते की जानकारी देते हुए कहा कि कोई भी देश की एक इंच जमीन पर कब्जा नहीं कर सकता। भारत किसी भी देश को हमारी सीमा पर एकतरफा कार्रवाई की अनुमति नहीं देगा। किसी भी कीमत पर इसे रोका जाएगा।

बता दें कि भारत-चीन कोर कमांडर लेवल की 10वीं राउंड की बैठक मॉल्डो में हुई थी। इस दौर में दोनों पक्षों ने पैंगोंग झील क्षेत्र में अग्रिम पंक्ति के सैनिकों के डिसइंगेजमेंट की प्रक्रिया को पूरी तरह से पूरा करने पर सहमत हुए। दोनों के बीच डिसइंगेजमेंट की सफल प्रक्रिया अब शेष मुद्दों के समाधान के लिए एक अच्छा आधार प्रदान करेगा।