
Farmers agitation
नई दिल्ली। काफी लंबे समय से चल रहा Kisan Aandolan केंद्र सरकार और किसानों के बीच का गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर कृषि कानूनों (Farm laws) को लेकर सरकार की जिद तो दूसरी और उनके खिलाफ खड़े किसान अपनी मांग पर ऐसे अड़े हुए हैं कि दोनों के बीच किसी भी तरह का रास्ता नही निकल पा रहा है। अभी तक सरकार और आंदोलनकारी किसानों (Farmers agitation)के बीच 10 दौर से अधिक बार बातचीत हो चुकी है लेकिन कोई किसी की बात पर राजी नही हुआ है। अभी तक इन किसानों ने सड़कों पर जाम लगा रखा था इसके बाद अब वो अपनी बात को मनवाने के लिए रेल रोको आंदोलन (Rail Roko Andolan) कर रहे हैं। इसी बीच किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने सरकार को सख्त शब्दों में कहा है कि जब तक मांगें पूरी नही होगीं तब तक हम हटने को तैयार नहीं हैं।
राकेश टिकैत ने कहा, ''सरकार इस गलत फहमी में भी ना रहे कि किसान अपनी खड़ी फसल को देखकर कटाई के लिए वापस लौट जाएंगे। यदि इसके लिए हमें अपनी फसल को जलाना भी पड़ा, तो उसे हम जला देंगे।'' किसान नेता टिकैत ने कहा, सरकार को यह नहीं समझना चाहिए कि प्रदर्शन दो माह में खत्म हो जाएगा। हम फसल काटने के साथ विरोध भी करते रहेंगे।'
बता दे कि किसानों के रेल रोको आंदोलन को देखते हुए देशभर में सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। देश के कई राज्यों में पुलिस अलर्ट है कई संवेदनशील जिलों में स्टेशनों के बाहर पुलिसकर्मियों की बड़ी संख्या तैनाती की है रेलवे ने पंजाब, हरियाणा, यूपी, पश्चिम बंगाल पर रेलवे सुरक्षाबलों की 20 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की हैं।जो हर जगह पर गहरी नजर रखे हुए हैं।
Updated on:
19 Feb 2021 05:57 pm
Published on:
19 Feb 2021 05:48 pm
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