इन 28 स्टेशनों का चुनाव 14 अलग-अलग रेलवे जोन्स में किया गया है। प्रॉजेक्ट के लिए जिन स्टेशनों की पहचान की गई है, वे मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, कानपुर, इलाहाबाद और कामाख्या जैसे शहरों में हैं। इन स्टेशनों को विकसित करने का रेवेन्यू मॉडल ऐसा होगा कि स्टेशनों को विकसित करने वाली कंपनियां 15 साल तक इनका रखरखाव करेंगी। इसके बदले में सरकार उन्हें इन स्टेशनों के कमर्शियल इस्तेमाल के अधिकार देगी। बता दें कि इस साल की शुरुआत में इंडियन रेवले स्टेशन डिवेलपमेंट कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) को आठ रेलवे स्टेशनों-हबीबगंज, सूरत, आनंद विहार, बिजवासन, चंडीगढ़, जयपुर, मोहाली और गांधीनगर को विकसित करने का काम दिया गया था।