लोगों का कहना था कि हर साल होता है रावण दहन
समिति के सदस्यों का कहना है कि पार्क में रावण दहन के लिए पुलिस से हर साल मंजूरी मिल जाती थी। इस वर्ष पार्क में राव़ण दहन की इजाजत नहीं मिली थी। इसलिए वह सड़क किनारे ही रावण दहन करने जा रहे थे। जबकि पुलिस का कहना है कि मुख्य मार्ग पर पुतला दहन की कतई मंजूरी नहीं दी जा सकती। इससे बड़े हादसे का खतरा हो सकता था। इसीलिए पुतले को जब्त कर लिया। इसके बाद लोगों ने पुलिस के खिलाफ हंगामा भी किया और कहा कि अगर पुतला नहीं वापस किया तो पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे, जबकि पुलिस का कहना है कि अगर उन्हें पुतला चाहिए तो उन्हें अदालत से निर्देश लेना होगा।