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हंसराज कॉलेज के रिसर्चर्स ने बनाया Corona का ड्रग मॉलिक्यूल, patent के लिए दावा ठोका

ब्रिटेन की रेडक्लिफ बायोसाइंस कंपनी से ड्रग मॉलिक्यूल के क्लीनिकल ट्रायल को लेकर बातचीत चल रही है। ड्रग मॉलीक्यूल बनाने में सफल होने के बाद अमरीका में इसके पेटेंट के लिए एप्लिकेशन दी।

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Hansraj College

ड्रग मॉलीक्यूल बनाने में सफल होने के बाद अमरीका में इसके पेटेंट के लिए एप्लिकेशन दी।

नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना वायरस ( coronavirus ) को नियंत्रित करने के लिए बड़े पैमाने पर शोध जारी है। मेडिकल साइंस व रसायन विज्ञान के वैज्ञानिक इसकी दवा और वैक्सीन ( Medicine and Vaccine ) खोजने में लगे हैं। इस बीच दिल्ली के हंसराज कॉलेज ( Hansraj College ) के शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि उन्होंने कोरोना मरीजों का इलाज करने में सक्षम दवा मॉलिक्यूल ( Drug molecule ) वि‍कसित किया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली विश्वविद्यालय ( Delhi University ) के हंसराज कॉलेज में रसायन विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ. बृजेश राठी की देखरेख में एक शोध टीम ने इन-सिलिको का बड़े पैमाने पर अध्ययन किया। डॉ. राठी के मुताबिक ड्रग मॉलिक्यू्ल का टेस्ट SARS-CoV-2 के खिलाफ शिकागो के लोयोला विश्वविद्यालय और अमरीका के न्यू मेक्सिको विश्वविद्यालय में किया गया। इस टेस्ट के नतीजे चौंकाने वाले आए। ड्रग मॉलीक्यूल बनाने में सफलता मिली।

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इस प्रयास में सफलता मिलने के बाद डॉ. राठी ने लोयोला यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रवि दुर्वासुला और डॉ. पी केम्पि व यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू मेक्सिको के डॉ. स्टीरवन ब्रैडफूट के साथ मिलकर अमरीका में इसके पेटेंट के लिए एप्लिकेशन ( Patent Application ) दी है।

प्रोफेसर राठी ने कहा है कि ब्रिटेन की रेडक्लिफ बायोसाइंस कंपनी से कैलक्सीनिन के क्लीनिकल ट्रायल को लेकर बातचीत चल रही है। टीम को आशा है कि जल्द ही कोरोना वायरस से लड़ने के लिए यह दवा उपलब्ध हो जाएगी। डॉ. राठी के मुताबिक यह कंपनी के ऊपर निर्भर करेगा कि वह इसका क्लीनिकल ट्रायल ( Clinical Trial ) कब शुरू करती है। इसके बाद ही इसका बाजार में आना सुनिश्चित हो पाएगा।

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डॉ. राठी हंसराज कॉलेज के रसायन विज्ञान विभाग में सहायक प्रोफेसर हैं। उन्होंने एमआईटी कैम्ब्रिज से पोस्ट-डॉक्टोरल शोध किया है।