
नई दिल्ली। सुरक्षा के लिहाज से देश के सभी एयरपोर्ट पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की तैनाती की जाएगी। इसके लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय, गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय की संयुक्त कमेटी बनाई गई जो कि जवानों की तैनाती में आने वाले खर्च और जरूरतों पर रिपोर्ट तैयार करेगी।
निजी सुरक्षा कंपनियों के जिम्मे 30 एयरपोर्ट
वर्तमान में देश के 98 एयरपोर्ट में से 18 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के एयरपोर्ट पर पूरी तरह से सीआईएसएफ के जवानों की तैनाती है। जबकि 50 एयरपोर्ट ऐसे हैं जहां सीआईएसएफ के जवानों के अलावा राज्य पुलिस की तैनाती की गई है। बाकी बचे 30 एयरपोर्ट पर राज्य पुलिस और निजी सुरक्षा कंपनियों के जवानों की तैनाती की गई है। इन एयरपोर्ट पर भी सुरक्षा-व्यवस्था चाक-चौबंद हो इसके लिए सीआईएसएफ के जवानों की तैनाती करने का प्रस्ताव दिया गया हैं। उड्डयन मंत्रालय ने यह कहकर सुरक्षा व्यवस्था सीआईएसएफ के हवाले करने से मना कर दिया था कि उनके पास बजट नहीं है।
डोभाल भी बैठक में थे शामिल
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया । बैठक में सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा, वित्त राज्यमंत्री अर्जुन मेघवाल सहित तीनों मंत्रालयों के अधिकारी शामिल हुए।
पायलट को दिखाई गई थी लेजर बीम
बता दें कि कुछ समय इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैडिंग के दौरान एक पायलट ने लेजर बीम के जरिए उसका ध्यान भटकाने की शिकायत की है। देश के व्यस्तम हवाई अड्डे में से एक आईजीआईए पर मंगलवार को इंडिगो फ्लाइट 6ए 198 की लैंडिग होने वाली थी, इसी दौरान लेजर बीम दिखाया गया, जिससे पायलट का ध्यान भटकने से बड़ा हादसा हो सकता था।
लैंडिग के बाद पायलट ने इसकी शिकायत हवाई यातायात नियंत्रक (एटीसी) से की है। पायलट की शिकायत पर आईजीआई हवाई अड्डे पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। डीसीपी संजय भाटिया ने कहा, हमने शिकायत मिलने के बाद आईपीसी की धारा 188 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है और अब इस मामले की जांच कर रहे हैं।
हो सकता था बड़ा हादसा
पुलिस के मुताबिक, मुंबई से दिल्ली तक इंडिगो उड़ान नंबर 6 ए 1 9 8 के पायलट सुभाष त्रिवेदी ने एटीसी को बताया कि मंगलवार दोपहर 12 बजे 29/11 रनवे पर फ्लाइट लैंड करने की तैयारी में थे। तभी उनको लेजर बीम दिखाई गई। इस दौरान वह फ्लाइट रनवे से सिर्फ पांच नॉटिकल मील की दूरी पर थी। शिकायक के बाद एटीसी की मदद से विमान की सफल लैंडिग हुई।
मौके पर पहुंचे सुरक्षा अधिकारी
शिकायत मिलने के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस के अधिकारियों और अन्य सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल पर पहुंच गईं। पुलिस अधिकारी ने कहा कि लेजर बीम दिखाना न सिर्फ पायलट का ध्यान लैंडिग से भटकाना हो सकता है बल्कि विमान में सवार लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती थी।
एयरपोर्ट के पास लेजर लाइट पर प्रतिबंध
एटीसी ने बताया कि लेजर लाइटों की वजह से कई बार हादसे हो चुके हैं। इसीलिए किसी भी हादसे से बचने के लिए एयरपोर्ट के आसपास के इलाकों में दिल्ली पुलिस ने लेजर लाइट को पूरी तरह प्रतिबंध कर चुकी है। एक अधिकारी ने कहा कि शुरुआती जांच में इस बात की जानकारी मिली है कि एयरपोर्ट के पास किसी शादी या कार्यक्रम में इस तरह की लाइटों का प्रयोग हुआ होगा, जोकि इस क्षेत्र में पूरी तरह प्रतिबंधित है।
Published on:
21 Aug 2017 10:02 am
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