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रक्षा सौदाः भारतीय सेना होगी और मजबूत, आएंगे आर्म्ड ड्रोन और जासूसी विमान

अमरीका से रक्षा सौदे पर बात जारी, जल्द फैसला। जून में ट्रंप प्रशासन ने भरी थी ड्रोन देने पर हामी। फरवरी-मार्च तक हो जाएगा दोनों सरकारों में सौदा।  

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नई दिल्ली। जल्द ही भारतीय सेना की ताकत में और ईजाफा होने वाला है और इसे हथियारों से लैस अमरीकी ड्रोन और
जासूसी विमान मिलने वाले हैं। दरअसल भारत और अमरीका के बीच बढ़ते सैन्य समझौतों के बीच भारतीय सशस्त्र सेना 7.5 बिलियन अमरीकी डॉलर (करीब 538 अरब रुपये) के रक्षा सौदे को अंतिम रूप देने वाली है।

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इसके लिए दो प्रोजेक्ट अलग-अलग आगे बढ़ रहे हैं। इनमें एक तो तीनों सेनाओं द्वारा की जाने वाली मांग है, जबकि दूसरे प्रोजेक्ट का संचालन भारतीय नौसेना कर रही है।

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केंद्र सरकार के सूत्रों के मुताबिक, "सभी तीनों सेनाएं सी गार्जियन आर्म्ड ड्रोंस को लेकर अपनी जरूरतों को जुटा कर रही हैं। यह ड्रोन काफी ऊंचाई पर लंबे वक्त तक ठहरने वाला मानवरहित विमान (ड्रोन) है, जिसके मिलने से हमारी ताकत मजबूत होगी और निगरानी रखने की हमारी क्षमताओं में ईजाफा होगा।"

सूत्रों के मुताबिक चूंकि तीनों सेनाओं की जरूरतें एक-दूसरे से अलग हैं, इसलिए इन्हें मिलाने में कुछ महीनों का वक्त लग जाएगा। माना जा रहा है कि फरवरी-मार्च तक अमरीका को इस सौदे के लिए पत्र जारी कर दिया जाएगा। यह सौदा सरकार और सरकार के बीच होगा।

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इस वर्ष जून में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने भारत को हथियारबंद ड्रोन की बिक्री के लिए स्वीकृति दे दी थी और इसे जरूरी मिसाइलों और अन्य सिस्टम से लैस बनाने का प्रस्ताव दिया था।

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इससे पहले तीनों सेनाओं के बीच केवल नौसेना ही इस रक्षा सामग्री को लेने में दिलचस्पी दिखा रही थी, लेकिन अब तीनों सेनाओं ने इस पर अपनी रुचि जाहिर की है।

एक बार अमरीकी सरकार को इसके विदेशी सैन्य बिक्री मार्ग के जरिये आवश्यकता संबंधी पत्र जारी कर दिया जाए, तब अमरीका इसकी प्राप्ति का पत्र भेजेगा और उसमें इस प्रोजेक्ट से जुड़े नियम-शर्तें बताएगा।

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वहीं, जल्द होने वाले सौदों में P-8I एंटी सबमैरीन वारफेयर और लंबी दूरी के निगरानी रखने वाले विमान शामिल है, जो भारतीय नौसेना के पास पहले से मौजूद ऐसे 12 विमानों के बेड़े में जुड़ेंगे। P-8I विमान की कीमत तकरीबन 3 बिलियन अमरीकी डॉलर है।

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गौरतलब है कि बीते तकरीबन एक दशक में भारत ने काफी संख्या में अमरीकी रक्षा उपकरणों को अपनी सेना में शामिल किया है। इनमें अपाचे अटैक चॉपर्स, चिनूक हैवी लिफ्ट हेलीकॉप्टर्स, C-17 ग्लोबमास्टर, C-130J सुपर हरक्यूलिस ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, M-777 अल्ट्रा लाइट होवित्जर्स और AN-TPQ वेपन लोकेटिंग राडार शामिल हैं।