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बड़े शहरों में नए स्वयंसेवक जोड़ने के लिए आरएसएस ने निकाला नया फॉर्मूला

नई पहल के तहत आवासीय सोसाइटी को प्रचार का केंद्र बनाया जाएगा और डोर-टू-डोर कैंपेन के लिए 'अपार्टमेंट प्रमुख' नियुक्त किया जाएगा।

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने विस्तार के लिए एक नया फंडा अपनाया है। खासतौर पर संघ की कोशिश बड़े शहरों में अपने कैडर को मजबूत करना है। नई पहल के तहत आवासीय सोसाइटी को प्रचार का केंद्र बनाया जाएगा और डोर-टू-डोर कैंपेन के लिए 'अपार्टमेंट प्रमुख' नियुक्त किया जाएगा। इनका काम संघ के विचारों को लोगों तक पहुंचाकर उन्हें अपने साथ जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

...ये होंगे अपार्टमेंट प्रमुख के काम
अपार्टमेंट प्रमुख की जिम्मेदारी किसी संघ स्वयंसेवक को ही दी जाएगी। इनका काम ग्रुप मीटिंग करना, सोसाइटी के दूसरे लोगों से बातचीत करना, साप्ताहिक-मासिक कार्यक्रम करना और लोगों को संघ के विचारों के बारे में बताकर शाखाओं में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करना होगा।

कौन होंगे अपार्टमेंट प्रमुख?
अपार्टमेंट प्रमुख की जिम्मेदारी किसी ऐसे व्यक्ति को दी जाएगी जो संघ से जुड़े हों और उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संगठन, इतिहास और वर्तमान के साथ-साथ विचारधारा की भी अच्छी जानकारी हो। इसके साथ ही उन लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनका ज्यादा से ज्यादा लोगों से जुड़ाव हो। लगभग हर सोसायटी में एक व्यक्ति की नियुक्ति का लक्ष्य है, जो आसपास के इलाकों में भी नजर रखेंगे।

...इसलिए पड़ी जरूरत
खासतौर पर बड़े शहरों में सोसायटी कल्चर, भागदौड़ भरी व्यस्त जीवनशैली आदि के चलते लोग आरएसएस की शाखा और उसके कार्यक्रमों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसे में उन तक पहुंचने के लिए संघ ने खुद पहल की है ताकि कैडर को और विस्तार देकर मजबूत बनाया जा सके।

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60 लाख है संघ स्वयंसेवकों का कैडर

संघ की स्थापना केशवराव बलिराम हेडगेवार ने 25 सितंबर 1925 को की थी। इसका मुख्यालय नागपुर में है और वर्तमान प्रमुख मोहन भागवत हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, संघ के सदस्यों की संख्या करीब 50 से 60 लाख है। हालांकि यह संख्या आधिकारिक नहीं है।

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