
सबरीमला मंदिर मामला: सुप्रीम कोर्ट का पीठ के फैसले पर जल्द सुनवाई से इनकार
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमला मंदिर में 10 से 50 वर्ष की महिलाओं को प्रवेश देने के संविधान पीठ के फैसले पर पुनर्विचार के लिए दायर याचिकाओं पर जल्द सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। तत्काल सुनवाई को लेकर दायर याचिका को प्रधान न्यायधीश रंजन गोगोई की पीठ ने खारिज कर दी है। इस मुद्दे पर उन्होंने याचिकाकर्ता से कहा कि पुनर्विचार याचिका पर वहीं न्यायाधीश विचार करते हैं, जिन्होंने फैसला दिया है।
SC के फैसले को लागू करेगी सरकार
हाल ही में सबरीमला मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के आए फैसले के खिलाफ नायर सर्विस सोसाइटी (एनएसएस) व अन्य ने सोमवार को शीर्ष अदालत में पुनर्विचवार याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता ने इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की थी। लेकिन प्रधान न्यायाधीश ने जल्द सुनवाई पा विचार करने से इनकार कर दिया है। इस बीच केरल सरकार ने कहा कि वह सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को लागू करने के लिए कदम उठाएगी।
विकल्पों पर हो विचार
आपको बता दें कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कुछ दिन पहले कहा था कि सुप्रीम कोर्ट को श्रद्धालुओं की भावना की अनदेखी नहीं करनी चाहिए थी। इसके साथ ही संघ ने सभी संबंधित पक्षों से एक साथ आने तथा न्यायिक विकल्पों के जरिए मसले का सौहार्दपूर्ण हल निकालने का आह्वान किया है। आरएसएस महासचिव सुरेश भैयाजी जोशी ने भी एक बयान में कहा था कि सबरीमाला देवस्थानम के संबंध में हालिया फैसले पर पूरे देश से प्रतिक्रियाएं आई हैं। हम भारत में श्रद्धालुओं द्वारा विभिन्न मंदिरों में अपनाई जा रही परंपराओं का सम्मान करते हैं। सासथ ही हमें माननीय उच्चतम न्यायालय का भी सम्मान करना होगा।
Published on:
09 Oct 2018 03:08 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
