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सुरक्षाबलों ने तैयार की टॉप-10 आतंकियों की सूची, रियाज नायकू का करीबी ‘डॉक्टर साहब’ निशाने पर

आतंकियों के खात्मे के लिए सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई शुरू की Top-10 में शमिल हिज्बुल मुजाहिदीन और JEM के सदस्य कश्मीर में आतंकियों की कमर तोड़ने की तैयारी

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नई दिल्ली। हंदवाड़ा हमले के जवाब में हिजबुल के टॉप कमांडर रियाज नायकू की मुठभेड़ में हत्या के बाद भारतीय सुरक्षाबलों ( Indian Army ) ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर ( Jammu-Kashmir ) में सक्रिय 10 सर्वाधिक वांछित आतंकियों के सफाए का अभियान शुरू कर दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ये आतंकी पाकिस्तान ( Terrorist in Pakistan ) स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन ( Hizbul mujahideen ) से जुड़े हैं। फिलहाल सुरक्षाबलों की योजना में घाटी में सक्रिय आतंकवादी नेटवर्क का सफाया करना है।

सुरक्षा बलों से मिली जानकारी के मुताबिक हिज्बुल मुजाहिदीन का नवनियुक्त प्रमुख सैफुल्ला मीर उर्फ गाजी हैदर उर्फ डॉक्टर साहब वांछित सूची में शीर्ष पर है। वह अक्टूबर 2014 में हिज्बुल मुजाहिद्दीन में शामिल हो गया था और पुलवामा के मलंगपोरा का रहने वाला है। उसे नायकू ने गाजी हैदर नाम दिया था। सूची में दूसरे स्थान पर मोहम्मद अशरफ खान उर्फ अशरफ मौलवी उर्फ मंसूर-उल-इस्लाम है। वह 9 सितंबर, 2016 को हिज्बुल मुजाहिद्दीन में शामिल हुआ और तब से घाटी में सक्रिय है। तीसरे स्थान पर जनैद सेहराई है और यह भी हिज्बुल मुजाहिदीन से जुड़ा है।

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इसके बाद मोहम्मद अब्बास शेख है जो तुराबी मौलवी के रूप में जाना जाता है और 3 मार्च 2015 से सक्रिय है। शेख हिज्बुल का सदस्य है। पांचवें स्थान पर जाहिद जरगर है और यह जैश-ए-मोहम्मद का हिस्सा है। यह 2014 के अंत से सक्रिय है और पिछले कुछ महीनों से भूमिगत है।

सूची में छठे स्थान पर शकूर है जो लश्कर का सदस्य है और 2015 से सक्रिय है। सातवें स्थान पर जेईएम सदस्य फैसल है। यह फैसल भाई के रूप में जाना जाता है और 2015 से सक्रिय है। आठवें स्थान पर हिज्बुल का सदस्य शिराज अल लोन है। वह मौलवी साहब के रूप में जाना जाता है। 30 सितंबर, 2016 को आतंकी संगठन में शामिल हो गया था। जेईएम सदस्य सलीम पारे नौवें और लश्कर का ओवैस मलिक वांछित सूची में अंतिम स्थान पर है। टॉप के सभी आतंकवादी उत्तर और दक्षिण कश्मीर में सक्रिय हैं।

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आतंक की कमर तोड़ने की पूरी तैयारी

आतंकवाद-रोधी इकाई के एक प्रमुख ने इस बारे में बताया कि पाकिस्तान कश्मीर के भोले-भाले युवाओं को आतंकी संगठनों में भर्ती कर रहा है। उन्हें भारत के खिलाफ जिहाद करने के लिए प्रशिक्षित कर रहा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर रियाज नायकू की मुठभेड़ में हत्या के बाद टॉप आतंकवादियों की पहचान करने के लिए सुरक्षाबलों का अपना अभियान शुरू कर दिया है।

इन आतंकवादियों की तलाश जारी है। कई जिलों में आतंकवादियों के बारे में खुफिया सूचना की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और हम क्षेत्र में आतंक के खिलाफ कार्रवाई इसके सिर उठाने से पहले करने के लिए अडिग हैं।