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माल्या ने कंपनी के विमान का किया निजी इस्तेमाल, दोस्तों-राजनीतिकों को भी कराया सफर

जेट खरीदा गया तब कंपनी की हालत ठीक नहीं थी। खरीद के पीछे तर्क दिया गया कि इससे होने वाली कमाई से आर्थिक हालात सुधर सकते हैं।

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Vijay Mallya

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नई दिल्ली। भारतीय बैंकों के करीब नौ हजार करोड़ रुपए के देनदार कारोबारी विजय माल्या के बारे में सीरियस फ्रॉड इंवेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) ने हाल ही में एक चौंकाने वाली रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट में पाया गया है कि विजय माल्या ने अपनी कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस लिमिटेड के एयरबस ए-319-100 कोर्पोरेट जेट का इस्तेमाल निजी यात्राओं के लिए किया। साथ ही यह जेट माल्या के परिवार के सदस्यों, करीबी दोस्तों और राजनीतिकों की निजी यात्राओं में भी इस्तेमाल किया गया। फिलहाल यह जेट जब्त होने के बाद सेवा कर विभाग के पास है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने इसे नीलाम करने के लिए कहा था, लेकिन किसी ने इसके लिए सही बोली नहीं लगाई और यह जब्ती में दर्ज है।

कंपनी की हालात थी खराब, फिर भी खरीदा
एसएफईओ की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस वक्त यह जेट खरीदा गया तब कंपनी की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी। इसके बावजूद यह जेट खरीदा गया। इसके पीछे तर्क दिया गया कि इससे होने वाली कमाई से कंपनी के आर्थिक हालात सुधर सकते हैं।

अति विशिष्ट पर्यटन के लिए खरीदा था
रिपोर्ट में बताया गया है कि किंगफिशर कंपनी ने फरवरी 2006 में यह जेट खरीदने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय को आवेदन दिया। कंपनी को जेट को खरीदने के लिए मंत्रालय की एनओसी की दरकार थ। आवेदन में जेट खरीदने का कारण बताते हुए लिखा गया कि इसका इस्तेमाल कंपनी की अति विशिष्ट पर्यटन उड़ानों के लिए किया जाएगा। इसके लिए दुनिया भर की विभिन्न जगहों पर उड़ान की इजाजत मांगी गई थी। मंत्रालय की ओर से सर्टिफिकेट मिलने के बाद जेट को रजिस्टर करवा लिया गया।

यात्री सेवा में कभी नहीं हुआ इस्तेमाल
जेट खरीद का यह सौदा 293 करोड़ रुपए में हुआ था। इसके लिए ब्रिटेन की एक कंपनी ने मध्यस्थता की और लीज एंग्रीमेंट तैयार करवाया। जांच में पता चला है कि खरीद के बाद कभी भी इस जेट का इस्तेमाल यात्री सेवाओं या जैसा कि बताया गया था विशिष्ट पर्यटन में नहीं किया गया। यह विजय माल्या का निजी हवाई जहाज बन गया और उन्होंने अपनी निजी यात्राओं, अपने करीबियों और राजनीतिकों की यात्राओं में इसका इस्तेमाल किया।

व्यापारिक धोखाधड़ी का मामला
एसएफईओ अन्य कई मामलों की छानबीन भी की है। इसके बाद माल्या और उनकी कंपनी यूबीएचएल और किंगफिशर पर धारा 542 के तहत व्यापारिक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। 400 करोड़ के टैक्स बकाया मामले में दिसंबर 2013 में यह जेट भी जब्त किया गया था। इसे नीलाम किया जाना है, लेकिन अब तक सही बोली नहीं लगी है।

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