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सुप्रीम कोर्ट पहुंचा भीमा कोरेगांव केस में हुई पांच लोगों की गिरफ्तारी का मामला, मानवाधिकार आयोग ने भेजा नोटिस

सुप्रीम कोर्ट में आज दोपहर 3:45 बजे सुनवाई होगी
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नई दिल्ली

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Saif Ur Rehman

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Updated: 29 Aug 2018, 2:47 PM IST

SC

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा भीमा कोरेगांव मामले में हुई पांच लोगों की गिरफ्तारी का मामला, मानवाधिकार आयोग ने भेजा नोटिस

नई दिल्ली। मंगलवार को भीमा कोरेगांव मामले में हुई पांच लोगों की गिरफ्तारी का मामला देश की सबसे बड़ी अदालत पहुंच चुका है। उच्चतम न्यायालय में आज सुनावई संभव है। 3:45 PM बजे सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। रोमिला थापर, प्रभात पटनायक, सतीश देशपांडे, माया दर्नाल और एक अन्य ने सुप्रीम कोर्ट में गिरफ्तारी के खिलाफ अर्जी दी है। याचिका में सर्वोच्च अदालत से जांच होने तक पांचों लोगों की रिहाई की मांग की गई है। अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने इस याचिका को चीफ जस्टिस की अदालत में पेश किया है। याचिका में गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। उधर गौतम नवलखा की गिरफ्तारी पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। पुलिस ने दस्तावेजों का मराठी से अंग्रेजी में अनुवाद करने के लिए और समय मांगा है। जब कि कोर्ट ने 12 बजे तक पुलिस से जवाब दाखिल करने को कहा। वहीं सुधा भारद्वाज को लेकर मीडिया से बात करते हुए फरीदाबाद की डीसीपी ने कहा, “कल उन्हें हाई कोर्ट में पेश किया जाएगा। तब तक वे हमारी देख-रेख में रहेंगी। उन्हें मीडिया से बात करने से रोका गया है। हालांकि वह अपने वकीलों से मिल सकती हैं।

मनावाधिकार ने भेजा नोटिस

भीमा कोरेगांव गिरफ्तारी मामले में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने महाराष्ट्र सरकार को नोटिस भेजा है। NHRC ने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर खुद संज्ञान लेते हुए नोटिज जारी किया है। मानवाधिकार आयोग के अनुसार, कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के दौरान नियमों का पालन नहीं किया गया। नोटिस पर महाराष्ट्र के गृहमंत्री दीपक केसरकर ने बयान दिया है कि नोटिस आना गलत नहीं है, कानूनी प्रक्रिया के तहत सारी गिरफ्तारियां हुईं हैं।

जगह-जगह प्रदर्शन

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का पूरे देश में विरोध हो रहा है। गिरफ्तारी के विरोध में दिल्ली के कनॉट प्लेस के पास लोगों ने प्रदर्शन किया। हैदराबाद में भी प्रदर्शन की खबर है।

मच गया सियासी बवाल

नक्सलियों से कथित तौर पर संबंध रखने को लेकर की गई गिरफ्तारी पर सियासी बयानबाजियां हो रही हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि भारत में केवल एक एनजीओ के लिए जगह है, जिसका नाम आरएसएस है। वहीं केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्वीट कर कांग्रेस पर पलटवार किया, 'मनमोहन सिंह ने पीएम रहते हुए माओवादियों को भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा घोषित किया था। अब कांग्रेस अध्यक्ष खुले तौर पर इनके मुखौटा संगठनों और माओवादियों के शुभचिंतकों को सपॉर्ट कर रहे हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा को सियासत से ऊपर रखा जाना चाहिए। केंद्र सरकार में बीजेपी की सहयोगी जेडीयू के नेता पवन वर्मा ने इस गिरफ्तारियों पर कहा है कि सरकार को गिरफ्तार लोगों के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश करने चाहिए।

क्या है मामल?

मंगलवार को पुणे पुलिस ने देशभर के कथित नक्सल समर्थकों के घरों व कार्यालयों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में जांच के मद्देनजर छापे के बाद अब तक कवि वरवरा राव, अरुण पेरेरा, गौतम नवलखा, वेरनोन गोन्जाल्विस और सुधा भारद्वाज को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों पर पुलिस ने 153 गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।