वहीं, छात्रों ने रोक पर नाराजगी जाहिर करते हुए फैसले पर विरोध जताया है। छात्र रोक हटाने की मांग पर अड़ गए हैं। इस बीच कॉलेज के प्रिंसिपल एग्नीलो मेनइजस का कहना है कि यह फटी हुई जीन्स गरीबों का मजाक बनाती है। प्रिंसिपल कहते हैं कि गरीब लोग फटे हुए कपड़े पहनते हैं क्योंकि उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। इसे कोई फैशन स्टेटमेंट नहीं बना सकता। वो कहते हैं कि एक बिजनेस स्कूल इस तरह के कपड़ों को अपने कैंपस में पहनने की इजाजत नहीं दे सकता। कॉलेज कैंपस के बाहर छात्रों की जो मर्जी हो वो फैशन कर सकते हैं।