23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मुंबई के कॉलेज ने फटी जींस पहनने पर रोक लगाई, बताया- ‘गरीबों का मजाक’

कॉलेज ने कहा, 'ऐसी कटी-फटी जींस पहनना गरीब लोगों का मजाक है।'

2 min read
Google source verification

image

rohit panwar

Dec 09, 2016

ban on ripped jeans mumbai

ban on ripped jeans mumbai

मुंबई. मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज ने कैंपस में रिप्ड जींस पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह जींस आम जींस के मुकाबले कटी-फटी होती है। कॉलेज ने कहा है कि ऐसी कटी-फटी जींस गरीब लोगों का मजाक है।

वहीं, छात्रों ने रोक पर नाराजगी जाहिर करते हुए फैसले पर विरोध जताया है। छात्र रोक हटाने की मांग पर अड़ गए हैं। इस बीच कॉलेज के प्रिंसिपल एग्नीलो मेनइजस का कहना है कि यह फटी हुई जीन्स गरीबों का मजाक बनाती है। प्रिंसिपल कहते हैं कि गरीब लोग फटे हुए कपड़े पहनते हैं क्योंकि उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। इसे कोई फैशन स्टेटमेंट नहीं बना सकता। वो कहते हैं कि एक बिजनेस स्कूल इस तरह के कपड़ों को अपने कैंपस में पहनने की इजाजत नहीं दे सकता। कॉलेज कैंपस के बाहर छात्रों की जो मर्जी हो वो फैशन कर सकते हैं।

शिक्षकों ने शिकायत की थी

रिप्ड जींस कटी-फटी होती है। फैशन के तौर पर इसे कई जगहों से काटकर तैयार किया जाता है। बहरहाल, शिक्षकों ने शिकायत की थी कि इस तरह की जीन्स की वजह से उन्हें कई बार क्लास में शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। हाल ही में एक प्रोफेसर कुछ छात्रों को लेकर प्रिंसिपल के पास पहुंचे थे। इन छात्रों ने रिप्ड जीन्स पहन रखी थी। प्रिसिंपल कहते हैं कि मैंने उस वक्त उन छात्रों को कहा था कि वे वापस जाएं और कपड़े बदलकर कॉलेज आएं। लेकिन छात्र नहीं माने। इस घटना के बाद उन्होंने छात्रों के लिए यह नोटिफिकेशन जारी कर दिया।

पहले से ड्रेस कोड लागू

कॉलेज कैंपस में पहले ही ड्रेस कोड लागू है। बिना बाजू का टॉप और शॉर्ट्स कैंपस में पहनना मना है। इसे लेकर छात्रों की तरफ से कभी विरोध नहीं किया गया। एक छात्रा का कहना है कि मुझे नहीं लगता कि रिप्ड जीन्स पहनने में कोई समस्या है। कॉलेज का ऐसा फैसला हमारी आजादी पर सीधे हमला है। एक दूसरे छात्र का कहना है कि हम सभी परिपक्व हैं। हमें पता है कि क्या पहनना चाहिए या क्या नहीं? ऐसे फरमान से संस्थान की छवि खराब होती है।