22 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जज लोया मौत केस: सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन की पुनर्विचार याचिका की खारिज

बॉम्बे लॉयर एसोसिशन ने जज लोया की मौत की निष्पक्ष जांच के लिए ये याचिका दाखिल की थी।

2 min read
Google source verification
Judge BH loya case

Judge BH loya case

नई दिल्ली। जज बीएच लोया की मौत के मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। दरअसल, बीएच लोया की मौत की निष्पक्ष जांच को लेकर बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में एक पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने अपने उस फैसले को भी भी कायम रखा है, जो कि 19 अप्रैल को सुनाया गया था। इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने बीएच लोया की मौत को नेचुरल माना था। 19 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच ने जज लोया की मौत की जांच कराने से इनकार कर दिया था।

सुप्रीम कोर्ट अपने आदेश पर कायम

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने मंगलवार को पुनर्विचार याचिका पर विचार के बाद पाया कि 19 अप्रैल के आदेश में दखल देने का कोई कारण नहीं है, लिहाजा पीठ ने एसोसिएशन की याचिका खारिज कर दी। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की तरफ से कहा गया, "हमने एसोसिएशन की याचिका की सावधानीपूर्वक समीक्षा की है और हम इस मामले के सभी पहलूओं को अच्छे देख चुके हैं, इसलिए हम अपने आदेश में कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकते, इसलिए याचिका को खारिज किया जाता है।

19 अप्रैल को क्या कहा था सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में?

बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन ने पुनर्विचार याचिका दायर पर 19 अप्रैल के फैसले पर पुनर्विचार करने और उसे वापस लेने की गुहार की थी। एसोसिएशन ने पुनर्विचार याचिका में कहा गया था कि जिला जजों के बयानों पर भरोसा कर सुप्रीम कोर्ट का इस नतीजे पर पहुंचना कि हार्ट अटैक से जज लोया की मौत हुई थी, गलत है। 19 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि जज बीएस लोया की स्वाभाविक मौत हुई थी। शीर्ष अदालत ने कहा था कि चार न्यायिक अधिकारियों के बयान पर अविश्वास करने का कोई कारण नहीं बनता।

क्या कहा आज सुप्रीम कोर्ट ने?

शीर्ष अदालत ने जज लोया की मौत की निष्पक्ष जांच कराने की मांग वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा था कि इनमें कोई मेरिट नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि वास्तव में इन याचिकाओं के जरिए न्यायपालिका को बदनाम करने की कोशिश की गई और न्यायपालिका पर हमले का प्रयास किया गया।

नागपुर के गेस्ट हाउस में हुई थी जज लोया की मौत

आपको बता दें कि हाईप्रोफाइल सोहराबुद्दीन शेख मामले की सुनवाई कर रहे विशेष जज लोया की मौत साल 2014 में नागपुर के गेस्ट हाउस में हो गई थी। उनकी मौत की वजह हार्ट बताई गई थी। जज लोया अपने अन्य साथी जजों के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने नागपुर गए थे।