
Supreme Court
नई दिल्ली। राजीव गांधी हत्याकांड मामले में आज एक अहम मोड़ आ सकता है। सुप्रीम कोर्ट आज तमिलनाडु सरकार के हत्यारों को रिहा करने के फैसले से पैदा हुए संवैधानिक मुद्दों पर फैसला सना सकता है। इसके तहत सजा माफ करने की राज्यों की शक्ति पर भी विचार किया जाएगा। प्रधान न्यायाधीश एचएल दत्तू की अध्यक्षता में पांच न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ इस मामले में सात दोषियों को रिहा किए जाने के राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगाते हुए छोटी पीठ के उठाए गए सवालों से आधिकारिक रूप से निपटेगी। गौरतलब है कि जस्टिस दत्तू आज ही रिटायर हो रहे हैं।
पीठ ने केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार और एक दोषी वी श्रीहरन उर्फ मुरूगन और तमिलनाडु सरकार की ओर से पेश क्रमश: वरिष्ठ अधिवक्ताओं राम जेठमलानी और राकेश द्विवेदी सहित अन्य की दलीलें 11 दिन सुनने के बाद 12 अगस्ता को फैसला सुरक्षित रखा था। इस पीठ में न्यायमूर्ति एफएमआई कलीफुल्ला, न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष, न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे और न्यायमूर्ति यूयू ललित शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट माफी देने की कार्यपालिका की शक्ति के दायरे पर छोटी पीठ के उठाए गए सात मुद्दों पर फैसला सुनाएगी। इस मामले पर भी फैसला किया जाएगा कि जिन मामलों में सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियां अभियोजक हैं, उनमें राज्य सरकारों के पास भी माफी की शक्ति होती है या नहीं।
Published on:
02 Dec 2015 09:20 am
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