
नई दिल्ली. व्हाट्सएप की प्राइवेसी पालिसी के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान बेंच मंगलवार को सुनवाई करेगी। पिछली 21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने निजता के अधिकार पर नौ सदस्यीय संविधान बेंच का फैसला आने तक इस मामले पर सुनवाई टाल दी थी।
24 अगस्त को अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट की नौ सदस्यीय संविधान बेंच ने सर्वसम्मति से निजता को मौलिक अधिकार माना था। सुप्रीम कोर्ट की कॉज लिस्ट के मुताबिक चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान बेंच साढ़े तीन बजे इस मामले पर सुनवाई करेगी। पिछली सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा था कि वो व्हाट्स एप, फेसबुक , स्काइप इत्यादि की सेवाओं को रेगुलेट करने के लिए कानून बनाने पर विचार कर रही है।
फेसबुक और व्हाट्स एप की तरफ से कपिल सिब्बल ने कहा कि व्हाट्स एप डाटा शेयर नहीं करता है। 16 मई को पांच जजों की संविधान बेंच ने व्हाट्सएप में प्राइवेसी के हनन के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्सएप की निजता नीति की आलोचना की थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कोर्ट लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए है और हम इन अधिकारों पर हमले नहीं होने देंगे। हम यहां डाटा सुरक्षा प्राधिकार हैं। आप भारतीय कानून का उल्लंघन नहीं कर सकते हैं।
'व्यक्तिगत सूचना और संवेदनशील व्यक्तिगत सूचना में फर्क'
पिछली सुनवाइयों में वर्तमान अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने भी व्हाट्सएप की तरफ से पैरवी की थी और कहा था कि व्यक्तिगत सूचना और संवेदनशील व्यक्तिगत सूचना में फर्क है । उन्होंने कहा था कि व्यक्तिगत सूचना का इस्तेमाल किसी की पहचान के लिए होती है जबकि संवेदनशील व्यक्तिगत सूचना में मेडिकल रिपोर्ट, बायोमेट्रिक, सेक्स संबंधी जानकारी का खुलासा होता है ।
उन्होंने कहा था कि व्हाट्सएप संवेदनशील व्यक्तिगत सूचना को संरक्षित नहीं करता है बल्कि केवल व्यक्तिगत सूचना पर काम करता है । उन्होंने कहा था कि व्हाट्सएप इंफॉर्मेशन टेक्नॉलॉजी एक्ट (आईटी एक्ट ) के तहत ही काम करता है जिसमें व्यक्तिगत सूचना का जिक्र किया गया है । उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप लोगों की संवेदनशील व्यक्तिगत सूचना का इस्तेमाल नहीं करता है ।
Published on:
05 Sept 2017 09:25 pm
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