13 अगस्त 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

भारतीय इतिहास में पहली बार CJI के विरोध में उतरे सुप्रीम कोर्ट के 4 जज, कहा- सबकुछ गड़बड़

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जस्टिस जस्ती चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ आदि शामिल हैं।
less than 1 minute read
Google source verification
SC

नई दिल्ली। देश के तीसरे स्तंभ न्यायपालिका को लेकर पहली बार असामान्य हालात दिखाई पड़ रहे हैं। इसी का नतीजा है कि मीडिया से अब तक दूरी बनाने वाले सुप्रीम कोर्ट के जज अब खुलकर प्रेस में अपनी बात रख रहे हैं। देश में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब सुप्रीम कोर्ट के चार सीनियर जज प्रेस कॉंफ्रेंस कर रहे हों। चीफ जस्टिस के बाद दूसरे सबसे सीनियर जज जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का प्रशासन ठीक से काम नहीं कर रहा है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो देश का लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि हमने इस मुद्दे को लेकर मुख्य न्यायधीश से बात करनी चाही, लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जस्टिस जस्ती चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ शामिल हुए।

पीएम ने कानून मंत्री को बुलाया

उन्होंने कहा कि हमने कुछ जजों की शिकायत सीजेआई को पत्र लिखकर की थी। लेकिन उनकी ओर से कोई माकूल जवाब नहीं मिला। यही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया के सामने जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। हम नहीं चाहते कि हम पर बात में कोई आरोप लगे। इसके साथ ही चीफ जस्टिस पर उन्होंने फैसला देश के पर छोड़ने की बात कही। जजों ने कहा कि यह करके हम केवल देश का कर्ज उतारने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं दूसरी सुप्रीम कोर्ट के जजों द्वारा बुलाई गई प्रेस कॉंफ्रेंस से घमासान खड़ा हो गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तुरंत कानून मंत्री को बुलाया है।

बड़ी खबरें

View All

विविध भारत

ट्रेंडिंग