
Surat Station
नई दिल्ली। रेलवे ने गुरुवार को 'स्वच्छ रेल-स्वच्छ भारत' अभियान के प्रारंभिक परिणाम घोषित किए और 'ए1'और 'ए' श्रेणी के 407 में से 13 स्टेशनों ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाकर विशिष्ट प्रथम श्रेणी तथा 92 स्टेशनों ने 60 प्रतिशत से अधिक अंकों के साथ प्रथम श्रेणी हासिल की। रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने रेल भवन में ये परिणाम घोषित किए। देश के सबसे साफ ए1 श्रेणी के स्टेशनों में सूरत ने प्रथम, राजकोट ने द्वितीय और बिलासपुर ने तृतीय स्थान हासिल किया है।
तीनों ने 1000 में से 750 से अधिक अंक हासिल किए हैं। इसके बाद शोलापुर, मुंबई सेंट्रल, चंडीगढ़, भुवनेश्वर, वडोदरा, मदुरै और न्यू जलपाईगुड़ी का नंबर आता है जिन्होंने 600 से 750 के बीच अंक प्राप्त किए हैं। इस वर्ग में ए1 श्रेणी के कुल 23 स्टेशन आते हैं। इनमें जम्मू तवी, हरिद्वार, जबलपुर, बेंगलूरु सिटी, आनंद विहार, पुरी, दादर एवं कल्याण भी शामिल हंै। परिणामों के अनुसार ए श्रेणी के स्टेशनों में ब्यास, गांधीधाम, वास्कोडिगामा, जामनगर, कुंभकोणम, नासिक रोड,
सेलम, अंकलेश्वर, काठगोदाम और कोविलपट्टी- ये दस स्टेशन 750 से अधिक अंक हासिल करके अग्रणी रहे।
749 से 600 अंक हासिल करने वालों में ए श्रेणी के 69 स्टेशन हैं। किसी भी स्टेशन को 400 से कम अंक नहीं मिले हैं। यानी कोई भी स्टेशन फेल नहीं हुआ। स्वच्छ रेल स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्टेशनों का परीक्षण 47 बिन्दुओं पर लोगों की रायशुमारी के आधार पर किया गया। इनमें 22 बिन्दु ढांचागत सुविधाओं, 10 प्रक्रिया संबंधी और 15 परिणामकारी सुविधाओं से संबंधित थे। इन सुविधाओं को लेकर शून्य से एक हजार अंकों के बीच पांच वर्गों में वर्गीकरण किया गया
था।
सर्वेक्षण 16 जनवरी से पांच फरवरी के बीच किया गया था। इस मौके पर प्रभु ने कहा कि यह सर्वेक्षण सबके लिए एक आईना होगा और इससे रेलकर्मियों को अपने प्रयासों के आकलन का मौका मिलेगा ताकि वे आगे और अच्छे प्रयास कर सकें। समारोह में प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह, रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ए के मित्तल भी मौजूद थे। इसी कार्यक्रम में रेलवे और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मध्य सुदूर संवेदन एवं ग्राफिक सूचना प्रणाली आधारित शासन अनुप्रयोग के लिये अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के प्रयोग संंबंधी एक करार पर हस्ताक्षर किए। इससे मोबाइल आधारित टिकङ्क्षटग प्रणाली एवं गाड़यिों की समयबद्धता सुनिश्चित करने सहित अनेक उपयोग हो सकेंगे।
Published on:
17 Mar 2016 11:05 pm
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