
सामने वाले मुल्क की वेशभूषा का ख्याल रख पहनावा चुनती हैं सुषमा
विदेशमंत्री सुषमा स्वराज दो दिनों की थाईलैंड यात्रा पर थीं। शुक्रवार को वे थाईलैंड से इंडोनेशिया के लिए रवाना हुई। इसके बाद सुषमा आठ जनवरी तक सिंगापुर के दौरे पर रहेंगी और वहां वह सात जनवरी को आसियान के क्षेत्रीय प्रवासी भारतीय दिवस का उद्घाटन करेंगी। सुषमा की खासियत हैं कि वे अपनी विदेश यात्रा के दौरान सामने वाले मुल्क की संस्कृति का भी ध्यान देती हैं। उसके हिसाब से वे अपना पहनावा भी कई बार तय करती हैं। १९७७-७९ में वे हरियाणा सरकार में श्रममंत्री रहीं हैं। सुषमा ने 24 वर्ष की आयु में कैबिनेट मंत्री बन गई थी जो एक रिकॉर्ड है। वे दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री भी रह चुकी हैं।
थाईलैंड के फूलों का गजरा
थाईलैंड फूलों के लिए भी जाना जाता है। वहां की संस्कृति में विचारों को व्यक्त करने में फूल की खास भूमिका होती है। इसी महीने जब सुषमा जब थाईलैंड पहुंचीं तब उनके स्वागत में फूलों की माला पेश की गई। इस माला का इस्तेमाल उन्होंने गजरे के तौर पर किया। इस फोटो को ट्विटर पर बैकॉक स्थित भारतीय दूतावास ने ट्वीट भी किया।
सिर को शॉल से ढका
२०१७ दिसंबर में रुस से लौटते वक्त तेहरान रूक गई। जब वे ईरानी समकक्ष जावेद जरीफ के साथ तेहरान में दोपहर के भोजन पर मुलाकात करने पहुंची तब भी उन्होंने अपने सिर को शॉल से ढका हुआ था।
सिर ढक मिली थी ईरान के राष्ट्रपति से
2016 में सुषमा ने विदेश मंत्री के तौर पर जब खाड़ी देशों की यात्रा की थीं तब वे एक अलग अवतार में नजर आई थीं। ईरान की यात्रा के दौरान जब वे राष्ट्रपति हसन रूहानी से मिलनी पहुंचीं थी तब उन्होंने अपना सिर शॉल से ढक रखा था। इस फोटो को विदेश मंत्रालय ने जब ट्वीट किया तब काफी बवाल मचा। सोशल मीडिया पर सुषमा के सिर ढकने को लेकर इसे इस्लामी पोषाक से जोड़ कर देखा गया।
हरी साड़ी पर देनी पड़ी थी सफाई
2016 में ही पाकिस्तान दौरे के दौरान भी उन्हें अपनी साड़ी के रंग को लेकर सफाई देनी पड़ी थीं। दरअसल सुषमा ने पाकिस्तान दौरे पर हरी साड़ी पहनी थी। जिस पर बवाल हुआ था। बाद में संसद में सुषमा ने कहा था कि वे हर बुधवार हरी साड़ी पहनती हैं। 9 दिसम्बर को भी बुधवार था।
करवाचौथ परांपरा के साथ मनाती हैं
सुषमा का विवाह 1975 में स्वराज कौशल के साथ में हुआ था। कौशल छह साल तक राज्यसभा में सांसद रहे इसके अलावा वे मिजोरम प्रदेश के राज्यपाल भी रहे। स्वराज कौशल अभी तक सबसे कम आयु में राज्यपाल का पद प्राप्त करने वाले व्यक्ति हैं। दोनों की एक बेटी हैं बांसुरी, जिसने लॉ की पढ़ाई की है। सुषमा भले ही अपने काम में कितनी ही व्यस्त हो वे हर साल करवाचौथ परांपरा के साथ मनाती हैं।
Updated on:
06 Jan 2018 09:42 pm
Published on:
06 Jan 2018 09:14 pm
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