खतरा: मेंढर के आसमान में दिखी संदिग्ध वस्तु, अब नई तकनीक और रास्तों से हो रही घुसपैठ

Highlights.
- आतंकियों की एक और साजिश, जम्मू-कश्मीर की सीमा पर सेना को मिली 40 किलोमीटर लंबी सुरंग

- सुरंग के मुहाने पर सीढिय़ां हैं और इसे रेत की बोरियों व लकडिय़ों से छिपाया गया था

- आतंकियों को कमांडो युद्ध की ट्रेनिंग दी गई थी, वे जैश के शिविर से करीब 30 किमी पैदल चल जटवाल के पिकअप प्वॉइंट तक पहुंचे

नई दिल्ली।

जम्मू-कश्मीर से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारतीय सेना ने करीब 30-40 किमी लंबी सुरंग का पता लगाया है। इसके मुहाने पर सीढिय़ां हैं। इसे रेत की बोरियों व लकडिय़ों से छिपाया गया था।

जम्मू में बीएसएफ के आइजी एनएस जामवल के मुताबिक नगरोटा एनकाउंटर में मारे गए चार आतंकियों ने यहीं से घुसपैठ की होगी, यह ताजी बनी लग रही है। हाइवे तक पहुंचने में गाइड ने मदद की होगी।

कमांडो ट्रेनिंग ली थी

मारे गए चार आतंकियों को कमांडो युद्ध की ट्रेनिंग दी गई थी। वे शकरगाह में सांबा सीमा पर जैश के शिविर से करीब 30 किमी पैदल चल जटवाल के पिकअप प्वॉइंट तक पहुंचे। यह इलाका सा्बा से कठुआ तक छह किमी का है।

ट्रक स्कैनर्स जरूरी

भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा बल फुल बॉडी ट्रक स्कैनर्स इंस्टॉल करने पर जोर दे रहे हैं। वहीं, पाक ने लगातार तीसरे दिन सीमा पर गोलीबारी। रजौरी जिले के नौशेरा सेंटर में उसने सीजफायर का उल्लंघन किया। भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई की।

आसमान में दिखी संदिग्ध वस्तु

जम्मू-कश्मीर में पुंछ जिले के मेंढर सेंटर में एलओसी के पास रविवार तडक़े संदिग्ध वस्तु उड़ती दिखाई दी। यह ड्रोन था या कुछ और साफ नहीं हो पाया है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान अग्रिम सैन्य चौकियों की टोह लेने की कोशिश में है।

Ashutosh Pathak
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