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सुरंग में ऐसी थी दिनचर्या..रात को खाने के बाद टहलते, सुबह योगा करते

सुरंगवीर : निकाले गए श्रमिकों से पीएम नरेंद्र मोदी की बातचीत। अहमद ने कहा, हम लोग भाई की तरह सुरंग में रहे

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सुरंग में ऐसी थी दिनचर्या..रात को खाने के बाद टहलते, सुबह योगा करते

श्रमिकों से पीएम नरेंद्र मोदी की बातचीत।

देहरादून/नई दिल्ली. उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सिल्क्यारा सुरंग से 17 दिन बाद सुरक्षित निकाले गए मजदूरों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार देर रात फोन पर बात की। बिहार के युवा इंजीनियरिंग सबा अहमद ने पीएम को बताया, वह कई दिनों तक सुरंग में फंसे रहे, लेकिन उन्हें कोई डर या घबराहट महसूस नहीं हुई। हम भाइयों की तरह थे, हम एक साथ थे। हम रात के खाने के बाद सुरंग में टहलते थे। मैं उन्हें सुबह की सैर और योग करने के लिए कहता था। उन्होंने बताया कि जिस सुरंग में वे फंसे थे, उसके दो किमी से अधिक हिस्से में मजदूर सुबह की सैर करते थे और योग भी करते थे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें इस घटना से बहुत प्रेरणा मिली है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से किस तरह निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि कभी मौका मिलेगा तो आप लोगों से मिलूंगा। मोदी ने कहा,इतने दिन खतरे में रहने के बाद सुरक्षित बाहर आने पर मैं आपको बधाई देता हूं। यह मेरे लिए खुशी की बात है। मैं इसे शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता। ईश्वर की कृपा है कि आप सभी सुरक्षित हैं।

सुरंग में बिना ऑक्सीजन बिताने पड़े 36 घंटे
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला की बल्ह घाटी के बंगोट गांव के विशाल ने भी टनल के अंदर बिताए 17 दिनों की कहानी को अपनी जुबानी बयां की। विशाल ने बताया कि जब हादसा हुआ तो उसके 36 घंटों तक उन्हें टनल के अंदर मौजूद ऑक्सीजन से ही गुजारा करना पड़ा और पानी पीकर ही पेट भरना पड़ा। जब अंदर घुटन होने लगी तो टनल से पानी की निकासी के लिए जो पाईपें बिछाई गई थी उन्हें खोला गया और वहां से ऑक्सीजन ली गई। यह दो पाईपें थी जिसमें एक चार इंच की और दूसरी तीन इंच की थी। इन्हीं पाइपों के सहारे 36 घंटों बाद बाहर के लोगों से संपर्क हो पाया और इन्हीं से ड्राई फ्रूट और खाने का अन्य सामान प्राप्त हुआ।