
Sharad Joshi
नई दिल्ली। तमिल लेखक बी जयमोहन, शेतकारी संगठन संस्थापक दिवंगत शरद जोशी के परिवार और पत्रकार वीरेंद्र कपूर ने पद्म पुरस्कार लेने से मना कर दिया है। अंतिम सूची बनने से पहले इन लोगों ने सोमवार को पुरस्कार लेने से मना कर दिया। जयमोहन ने कहा कि केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के अधिकारी ने जब उन्हें पुरस्कार दिए जाने के बारे में बताया तो मुझे काफी गर्व महसूस हुआ, लेकिन मैंने पद्मश्री लेने से इसलिए मना कर दिया क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि मुझपर हिंदू समर्थक का तमगा लग जाए।
एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक, जयमोहन के एक दोस्त ने बताया कि वह अपनी स्वतंत्र स्थिति बनाए रखना चाहते हैं। हाल ही के दिनों में कट्टरपंती धड़ों का समर्थन करने के चलते उनके प्रशंसकों ने उनकी काफी आलोचना की थी। वहीं, शरद जोशी के परिवार ने पुरस्कार लेने से क्यूं मना किया, इसपर उनके संठन के ट्रस्टी अनंत देशपांडे ने बताया कि गृहमंत्रालय के अधिकारियों ने रविवार को जोशी की बेटी को फोन कर उन्हें मरणोप्रांत पद्मश्री पुरस्कार देने के बारे में जानकारी दी। हालांकि, उनकी बेटी ने पुरस्कार यह कहते हुए लेने से मना कर दिया कि उनका काम पुरस्कार से कहीं बढ़ा है।
पत्रकार वीरेंद्र कपूर ने बताया कि वह सरकार के खिलाफ नहीं हैं। मैंने पिछले 40 सालों में किसी भी सरकार से कुछ नहीं लिया है। इसलिए मैं सरकार से कोई भी सम्मान लेने में विश्वास नहीं रखता हूं।
Published on:
26 Jan 2016 05:45 pm
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