
भारत रत्न पर मचे विवाद पर बोले भूपेन हजारिका के बेटे, मैंने कभी नहीं किया इनकार
नई दिल्ली। मशहूर गायक भूपेन हजारिका को मरणोपरांत भारत रत्न सम्मान के ऐलान के बाद उठा विवाद अब लगभग थम गया है। पहले इस सम्मान के समय पर सवाल उठाने वाले भूपेन के बेटे तेज हजारिका ने ने कहा कि उनके बयान का गलत मतलब निकाया गया। अब उन्होंने अपने पिता के लिए भारत रत्न स्वीकार करने पर सहमति जता दी है।
गलत तरीके से पेश किया बयान: तेज हजारिका
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक तेज हजारिका ने केंद्र सरकार को इस संबंध में एक खत लिखा है। जिसमें कहा गया है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि (कुछ) लोग 11 फरवरी को भारत रत्न के संबंध दिए गए मेरे बयान का गलत मतलब निकालेंगे और मुझे दुख है कि मेरे विचारों को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं।
पहले क्या खबर आई थी?
इससे पहले खबर आई थी कि तेज ने नागरिकता संशोधन विधेयक, 2016 की वजह से पिता के लिए भारत रत्न सम्मान लेने से इनकार कर दिया था।उन्होंने कहा कि था कि यह एक बड़ा सम्मान है और वह खुश हैं कि उनके पिता को यह देने की घोषणा की गई। लेकिन उनका विरोध केवल अवॉर्ड के 'वक्त' को लेकर है। जब पूर्वोत्तर के ज्यादातर लोग नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध कर रहे हैं। तब पूर्वोत्तर के आदर्श के तौर पर पहचान बनाने वाले अपने पिता के लिए यह सम्मान स्वीकार नहीं करेंगे। उनकी मांग थी कि केंद्र सरकार यह विधेयक वापस ले।
गणतंत्र दिवस पर हुआ था ऐलान
केंद्र सरकार ने 70वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर प्रसिद्ध असमिया कवि और संगीतकार भूपेन हजारिका के लिए भारत रत्न की घोषणा की। हजारिका के चयन पर कहा गया कि केंद्र की बीजेपी सरकार ने आगामी लोकसभा चुनाव में देश के पूर्वी तथा पूर्वोत्तर हिस्सों में अधिक सीटें जीतने के के अभियान के लिहाज से उनका चयन किया है। क्योंकि यहां नागरिकता संशोधन विधेयक से भारतीय जनता पार्टी के लिए मुसीबतें खड़ी हो रही है।
Published on:
15 Feb 2019 05:44 pm
बड़ी खबरें
View Allविविध भारत
ट्रेंडिंग
