
Tejas will repalced Mig21
नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने 106 उन्नत तेजस विमान बनाए जाने का फैसला किया है। तेजस मार्क 1-ए नाम से इन विमानों का निर्माण देश में ही किया जाएगा। ये विमान पुराने मिग लड़ाकू विमानों की जगह लेंगे। वायुसेना को परीक्षण उड़ान के लिए सौंपे गए वर्तमान तेजस के मुकाबले इन विमानों में 43 सुधार किए जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार 106 तेजस मार्क 1-ए बनाने के फैसले की जानकारी डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) और बेंगलूरु स्थित हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को दे दी गई है। वायुसेना ने 43 सुधारों पर सहमति जताई है। इन सुधारों के लिए विमान का डिजाइन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सूत्रों के अनुसार मोडिफिकेशन के तहत प्रमुख सुधार किए जाएंगे जिसमें एईएसए राडार, हवा से हवा में ईंधन भरने की सुविधा, दुश्मन मिसाइल से बचाने के लिए सेल्फ प्रोटेक्शन जैमर शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि वायुसेना में तेजस शामिल करने का काम समय से काफी पीछे है। रक्षा मंत्रालय का लक्ष्य है कि वर्ष 2018 तक पहला विमान तैयार कर लिया जाएगा, जबकि 2022-2023 तक पूरा बेड़ा तैयार हो जाएगा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तेजस मार्क 1-ए वर्तमान के तेजस के वजन 6,500 किलो से 1,000 किलो कम वजनी होगा लेकिन इंजन बराबर की क्षमता का होगा। वर्तमान में वायु सेना की फ्लीट में सोवियत काल के एकल इंजन वाले मिग-21 और मिग-27 जेट हैं। एक आकलन के अनुसार वायुसेना को अगले दस सालों में 400 से ज्यादा जेट की जरूरत होगी।
Published on:
01 Feb 2016 03:55 pm
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