14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

तेलंगाना में चुनावी माहौल के बीच कर्नाटक से हो रहे हैं उल्लू गायब, नेता दे रहे हैं ऑर्डर

पुलिस ने छह लोगों को उल्लुओं की तस्करी करते हुए पकड़ा है।

2 min read
Google source verification
OWL

तेलंगाना में चुनावी माहौल के बीच कर्नाटक से हो रहे हैं उल्लू गायब, नेता दे रहे हैं ऑर्डर

बेंगलुरु। तेलंगाना में चुनावी संग्राम जारी है। सभी सियासी लोग चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं। कुछ नेता उल्लुओं के भरोसे हैं। खबर है कि कई नेता विरोधियों के खिलाफ जादू टोना कर रहे हैं। दरअसल पुलिस ने तेलंगाना की सीमा से सेटे सेदाम तालुके से 6 लोगों को उल्लुओं की तस्करी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। जब तस्करों से पूछताछ की गई तब पता चला कि तेलंगाना में चुनाव लड़ रहे नेताओं ने उल्लुओं (रात में जागने वाले पक्षियों ) का ऑर्डर दिया है। इन पक्षियों की मदद से वे अपने प्रतिद्वंदी के सौभाग्य को खराब किस्मत में बदलना चाहते हैं।

यह भी पढ़ें- तेलंगाना: मुस्लिम वोटों पर टीआरएस और कांग्रेस का दावा मजबूत, ओवैसी की पार्टी का 8 सीटों पर दबदबा

अंधविश्वास के चक्कर में उल्लुओं पर जुल्म
आप को यहां बता दें कि भारत में उल्लुओं को बुरा माना जाता है। काला जादू में उल्लुओं के इस्तेमाल की बात की जाती है। उनके अंगों का दीवाली और लक्ष्मी पूजा जैसे त्योहारों के वक्त भी उल्लुओं की भारी डिमांड होती है। एक वन अधिकारी का कहना है कि ऐसा लगता है कि कर्नाटक में उल्लू बिजनेस का एक बड़ा नेटवर्क चलता है। इंडियन ईगल आउल की भी डिमांड है।

यह भी पढ़ें- दिल्ली में प्रदूषण पर भड़का NGT, केजरीवाल सरकार पर ठोंका 25 करोड़ का जुर्माना

अधिकारी ने बताया कि इंडियन ईगल आउल को कन्नड़ में कोम्बिना गूबे कहा जाता है। उन्होंने बताया, 'इसके पीछे एक अंधविश्वास यह भी जुड़ा हुआ है कि इनके जरिए लोगों को अपने वश में किया जा सकता है क्योंकि इन पक्षियों के पास बड़ी-बड़ी आंखें होती हैं, जो झपकती नहीं हैं।' उल्लुओं को सुरक्षित रखने का सबसे अच्छा तरीका तो यह है कि अंधविश्वास को भंडाफोड़ कर लोगों के बीच जागरूकता फैलाई जाए। खबर है कि एक उल्लू की किमत तीन से चार लाख रुपए में बेचा जाता है।


बड़ी खबरें

View All

विविध भारत

ट्रेंडिंग