
Ten years imprisonment
आणंद। प्रसव के बाद महिला की मौत के मामले में सोमवार को अतिरिक्त जिला न्यायालय ने दोषी साबित हुए आयुर्वेदिक चिकित्सक को दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई और मृतका के पति को दो लाख रुपए मुआवजा देने के आदेश दिए।
मामले के अनुसार खेडा जिले के महुधा गांव निवासी परवीन बानो सज्जादहुसैन मलेक को करीब दो वर्ष पूर्व (30 मई 2013 को) प्रसव के लिए महुधा गांव स्थित संजीवनी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां आयुर्वेदिक डिग्रीधारक डॉ.मोहम्मद रउफ उर्फ अब्दुल मेमण ने एलोपैथिक उपचार से प्रसव कराया, लेकिन इसके बाद भी महिला को रक्तस्राव बंद नहीं हुआ था। इससे महिला की स्थिति गंभीर हो गई थी।
इसके बावजूद महिला को अन्य अस्पताल में नहीं भेजा गया था। आरोप था कि खुद ने ही एलोपैथिक पद्धति से उपचार किया था, अन्तत: महिला की मौत हो गई थी। उस दौरान दर्ज कराए गए मामले के आधार पर पुलिस ने आरोपित चिकित्सक को गिरफ्तार किया था। मामला न्यायालय में चल रहा था।
करीब दो वर्ष बाद इस मामले में नडियाद स्थित अतिरिक्त न्यायालय के न्यायाधीश एच.बी. रावल ने आयुर्वेदिक चिकित्सक व हिम्मतनगर निवासी डॉ. मोहम्मद रउफ मेमण को दस वर्ष की कैद तथा जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं मृतका के पति को मुआवजे के तौर पर दो लाख रुपए देने के भी आदेश दिए गए हैं।
Published on:
28 Dec 2015 07:10 pm
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