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देश को पसंद आया यूपीआई, साल भर में 180 फीसदी बढ़ा भुगतान

Highlights. - नवंबर में रेकॉर्ड 221 करोड़ से ज्यादा ट्रांजेक्शन, 4 बैंकों ने आधे से ज्यादा किया कारोबार - पिछले साल इसी माह की तुलना में 81 फीसदी की बढ़ोतरी - आंकड़े भी यही बता रहे हैं कि देश के भीतर अब पैसे का लेन-देन तेजी से बढ़ रहा है

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नई दिल्ली.
देश की अर्थव्यवस्था अब कोविड संकट से उबरने के मूड में दिखाई दे रही है। आंकड़े भी यही बता रहे हैं कि देश के भीतर अब पैसे का लेन—देन तेजी से बढ़ रहा है। कैशलेश इकॉनोमी की ओर बढ़ रहे देश को यूपीआई पेमेंट पसंद आया है, यही वजह है कि पिछले 11 महीनों में इसमें 180 फीसदी की ग्रोथ देखी गई है।

नवंबर में देश की 200 बैंकों ने यूपीआई के जरिए 221 करोड़ से ज्यादा ट्रांजेक्शन किए, जिसमें 110 करोड़ ट्रांजेक्शन सिर्फ चार बैंकों के जरिए किए गए। जिनमें सरकारी बैंक स्टेट बैंक आॅफ इंडिया ने 60 करोड़ से ज्यादा ट्रांजेक्शन किए।

नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआइ) के मुताबिक नवंबर में यूपीआइ के जरिए 3 लाख 90 हज़ार करोड़ रुपए से ज्यादा का लेन- देन दर्ज किया गया है। पिछले साल इसी महीने में हुए यूपीआइ लेन- देन से तुलना करें तो ट्रांजैक्शन की संख्या में बीते एक वर्ष में 81 फीसदी की बढोतरी दर्ज की गई है।

नवंबर, 2019 में 122 करोड़ तो इस साल नवंबर में 221 करोड़ से ज्यादा यूपीआई ट्रांजेक्शन हुए हैं। यानी बीते साल के मुकाबले 99 करोड़ ज्यादा।ट्रांजैक्शन वैल्यू की बात की जाए तो उसमें 106 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। नवंबर 2019 के 1.89 लाख करोड़ रुपए के मुकाबले इस साल नवंबर में रिकॉर्ड 3.9 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा मूल्य का लेन- देन दर्ज किया गया है।

मई के बाद से लगातार बढ़त
प्री-कोरोना पीरियड की बात की जाए तो फऱवरी 2020 में सबसे ज्यादा ट्रांजेक्शन दर्ज़ किया गया था। फरवरी में 133 करोड़ ट्रांजेक्शन के जरिए यूपीआई से 2 लाख 22 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि का लेनदेन हुआ। कोरोना काल में यूपीआइ के जरिए लेनदेन अप्रेल माह में एक लाख 51 हजार करोड़ रुपए पर सिमट गया था। हालांकि मई से इसमें लगातार हर महीने बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मई माह में यूपीआइ के जरिए 2 लाख 18 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का लेन- देन हुआ।

आधे में चार बैंक, बाकी में 196 बैंक
नवंबर माह में हुए कुल 221 करोड़ यूपीआइ ट्रांजेक्शन का करीब आधा यानी 110 करोड़ ट्रांजेक्शन 4 बैंकों एसबीआइ, एक्सिस, एचडीएफसी और पेटीएम से हुए। इनमें भी अकेले एसबीआइ से 60 करोड़ से अधिक ट्रांजेक्शन हुए।

नवंबर में इन चार ने किया कुल ट्रांजेक्शन का आधा कारोबार
बैंक ट्रांजेक्शन अप्रूवल रेट डिक्लाइन रेट
स्टेट बैंक आॅफ इंडिया 60.8 90.52 3.12
एक्सिस बैंक लि. 24.1 97.16 2.27
एचडीएफसी बैंक लि. 17.9 93.46 1.85
पेटीएम 16.9 92.71 0.08
'ट्रांजेक्शन के आंकड़े करोड़ में हैं, जबकि अप्रूवल और डिक्लाइन रेट प्रतिशत में
'डाटा नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया का'

फैक्ट्स एंड फिगर्स -

— 221 करोड़ कुल यूपीआई ट्रांजेक्शन हुए नवंबर 2020 में, 3.90 लाख करोड़ का भुगतान
— 207 करोड़ कुल यूपीआई ट्राजेक्शन हुए अक्टूबर 2020 में, 3.86 लाख करोड़ का भुगतान
— 180 करोड़ कुल यूपीआई ट्रांजेक्शन हुए सितंबर 2020 में, 3.29 लाख करोड़ का भुगतान
— 161 करोड़ कुल यूपीआई ट्रांजेक्शन हुए अगस्त 2020 में, 2.98 लाख करोड़ का भुगतान
— 120 करोड़ कुल ट्रांजेक्शन हुए हुए थे जनवरी 2020 में, 2.16 लाख करोड़ का भुगतान
— 180 गुना बढ़ा जनवरी से अब तक यूपीआई के जरिए देश में भुगतान
— 144 बैंक यूपीआई पेमेंट से जुड़ी थीं जनवरी 2020 तक
— 200 बैंक यूपीआई पेमेंट से जुड़ी नंबवर 2020 तक, पिछले महीने से 11 ज्यादा
— 110 करोड़ यूपीआई ट्रांजेक्शन केवल चार बैंकों ने किए
— 60 करोड़ ट्रांजेक्शन सरकारी बैंक एसबीआई ने किए, जबकि डिकलाइन रेट सबसे ज्यादा

यह दे रहे बेहतरीन सुविधा

बैंक डिक्लाइन दर (प्रतिशत में)

पेटीएम — 0.08
एचडीएफसी — 2.77
एसबीआइ — 3.12