
पूरे देश की निगाहें हम पर हैं, सांसद बिना किसी गतिरोध के चर्चा करेंगे: पीएम मोदी
नई दिल्ली। अविश्वास प्रस्ताव से कुछ घंटे पहले पीएम मोदी ने सभी सांसदों को ट्वीट कर नसीहत दी। उन्होंने कहा कि पूरे देश की निगाहें हम पर हैं। हमारे संसदीय लोकतंत्र का आज अहम दिन है। हम संविधान निर्माताओं और देश के आभारी हैं। सांसदों से आशा है कि वो बिना गतिरोध के चर्चा करेंगे। उम्मीद है कि साथी सांसद व्यापक और रचनात्मक बहस करेंगे।
सरकार की नाकामियों को उजागर करेगी कांग्रेस
सुबह 11 बजे से अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होगी। शाम छह बजे तक वोटिंग होगी। संख्या बल के हिसाब से सरकार पलड़ा भारी है। विपक्षा को भी मालूम है कि उनकी जीत की संभावना बहुत कम हैं। मगर विपक्ष चाहता है कि बहस कर वह जनता के सामने सरकार की नाकामियों को सामने रख सकेंगे। इसके साथ राहुल को बहुत दिनों बाद सरकार से आमना—सामन करने का मौका मिल सकेगा। लोकसभा में जो सीटों का समीकरण है उसके मुताबिक भाजपा के पास अकेले दम पर बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ों से पांच सीट ज्यादा है।
पार्टियों की समय सीमा तय
अविश्वास प्रस्ताव को लेकर लोकसभा में शुक्रवार को होने वाली चर्चा में कौन पार्टी कितनी देर बोलेगी, इसे लेकर लोकसभा अध्यक्ष ने समय तय कर दिया है। कांग्रेस को चर्चा के लिए करीब 38 मिनट मिलेंगे। वहीं भाजपा को चर्चा के लिए करीब तीन घंटे का समय दिया जाएगा। समय का मापदंड पार्टी की सीटों पर तय किया जाता है। कांग्रेस के पास सिर्फ 44 सांसद हैं। वहीं भाजपा के पास 272 सांसद हैं। बहस के बीच लंच ब्रेक नहीं होगा और कुल चर्चा के सात घंटे तक चलेगी। हालांकि, सदन की सहमति से समय को बढ़ाया जा सकता है। बता दें कि चर्चा के लिए संख्या बल के आधार पर समय तय किया जाता है।
टीडीपी ने उठाई थी आवाज
सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाला मुख्य दल तेलुगु देशम पार्टी लोकसभा में इस पर चर्चा की शुरुआत करेगा। कुल सात घंटे के समय में अध्यक्ष ने टीडीपी को बोलने के लिए 13 मिनट का समय दिया है। पार्टी की ओर से जयदेव गल्ला पहले वक्ता होंगे। कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी और सदन में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे इस पर बोल सकते हैं।
Published on:
20 Jul 2018 09:59 am
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