
दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी है दिल्ली, टॉप 10 में भारत के 7 शहर हैं शामिल
नई दिल्ली। भारत में स्वच्छता हमेशा से एक मुद्दा रहा है और यही वजह है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से लेकर अब पीएम नरेंद्र मोदी तक ने इस विषय में गंभीरता के साथ लोगों को जागरुक करने का काम किया है। हालांकि इसके बावजूद भी मौजूदा समय में गंदगी और प्रदूषण के मामले में भारत के कई शहरों की हालत बहुत ही बुरी है। इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि वैश्विक स्तर के 20 सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में भारत के 15 शहर शामिल हैं। जबकि टॉप-5 में हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान के फैसलाबाद के अलावा 4 शहर भारत के ही हैं। बता दें कि ये बात एक सर्वे में सामने आई है। ग्रीनपीस और एयरविजुअल की ओर से संयुक्त रुप से किए गए एक सर्वे ‘2018 वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट’ में ये बातें कही गई है। यह सर्वे वायु प्रदूषण पर आधारित है। सर्वे के दौरान यह बात सामने रखी गई कि वर्ष 2018 में प्रदूषण स्तर कितना रहा यानी पीएम 2.5 का स्तर कितने खतरनाक स्तर तक पहुंचा।
सर्वे में 3000 शहरों को किया गया शामिल
आपको बता दें कि इस सर्वे में विश्व भर के 3000 शहरों को शामिल किया गया। सर्वे के दौरान वर्ष 2018 में इन शहरों के दर्ज किए गए पीएम 2.5 डाटा का विशलेषण किया गया। इससे पता चला कि दुनिया के लोगों के स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण की वजह से किस तरह से खतरा मंडरा रहा है। बता दें कि इस सर्वे में दुनिया के सबसे ज्यादा प्रदूषित तीन राजधानियों को शामिल किया गया है, जिसमें से सबसे ऊपर भारत की राजधानी दिल्ली, दूसरे नंबर पर बांग्लादेश की राजधानी ढाका और तीसरे नंबर पर अफगानिस्तान की राजधानी काबुल है।
गाजियाबाद और गुरुग्राम दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर
बता दें कि सर्वे में जो बात सामने आई है वह भारत के लिए बहुत ही चिंताजनक है। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक गुरुग्राम और गाजियाबाद दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर है। इसके अलावा फरीदाबाद, भिवाड़ी और नोएडा दुनिया के 6 सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में शामिल है। इतना ही नहीं, राजधानी दिल्ली प्रदूषित शहरों की सूची में 11 वें स्थान पर काबिज है। तो वहीं लखनऊ नौवें स्थान पर है।
प्रदूषण से भारत के जीडीपी को 8.5 प्रतिशत का नुकसान
बता दें कि रिपोर्ट में इस बात को भी बताया गया है कि प्रदूषण के कारण भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) को 8.5 प्रतिशत का नुकसान हुआ है। हालांकि भारत दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। प्रदूषण को कम करने के मामले में चीन को कामयाबी मिली है। चीन में 2017 के मुकाबले 2018 में 12 प्रतिशत की कमी देखी गई। एक जमाने में बीजिंग दुनिया का सबसे प्रदूषित शहरों में से एक था लेकिन इस बार 122 वें स्थान पर चला गया है। हालांकि बिजिंग अभी भी विश्व स्वास्थ्य संगठन के वायु गुणवत्ता मानक से पांच गुना अधिक प्रदूषित है।
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Updated on:
06 Mar 2019 07:12 am
Published on:
06 Mar 2019 12:25 am
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