
नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( coronavirus ) का प्रकोप पूरी दुनिया में काफी तेजी से फैल रहा है। भारत भी इस वायरस से अछूता नहीं है। देश में करीब आठ हजार लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 309 लोगों की मौत हो गई है। आलम ये है लॉकडाउन ( Lockdown ) के बावजूद देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं, एक बार फिर केन्द्र सरकार लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोदी सरकार ( Modi Government) दो हफ्ते के लिए लॉकडाउन का समय बढ़ा सकती है। लेकिन, सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती वे चार राज्य हैं, जहां कोरोना मरीजों के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं। इनमें महाराष्ट्र ( Maharashtra ), दिल्ली ( Delhi ), तमिलनाडु ( Tamil Nadu ) और राजस्थान ( Rajasthan ) शामिल हैं। महाराष्ट्र, दिल्ली और तमिलनाडु में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा हजार पार हो चुका है, जबकि राजस्थान में कोरोना मरीजों का आंकड़ा हजार के पास पहुंच चुका है।
सबसे पहले बात महाराष्ट्र की करते हैं। यहां कोरोना वायरस की स्थिति बेहद भयावह है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, राज्य में अब तक 1985 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 149 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 217 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं। अकेले मुंबई में संक्रमितों आंकड़ा 1399 तक पहुंच चुका है। मुंबई में चौबीस घंटे में 16 जान गई हैं और इसके साथ मरने वालों की संख्या यहां 97 तक पहुंच गई है मुंबई में सरकार के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द धारावी बनती जा रही है। क्योंकि, यहां भी कोरोना वायरस फैलने लगा है।
करीब साढ़े सात लाख वाले इस झुग्गी में चालीस से ज्यादा कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। करीब 150 डॉक्टर्स वाली टीम इस पूरे इलाके में स्क्रीनिंग कर रही है। लिहाजा, राज्य और केन्द्र सरकार के लिए महाराष्ट्र सिरदर्द बनता जा रहा है। क्योंकि, जिस तरह से यहां कोरोना मरीजों के आंकड़े बढ़ रहे हैं उसे रोकना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर सरकार लॉकडाउन बढ़ाती है तो क्या यहां कोरोना की चेन टूटेगी। या फिर देश की आर्थिक राजधानी में कोरोना का कहर जारी रहेगा।
महाराष्ट्र के बाद सबसे खतरनाक हालात देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की है। दिल्ली में अब तक 1154 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 24 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 27 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं। पिछले 24 घंटे में दिल्ली में कोरोना के 85 नए मामले सामने आए हैं, जबकि पांच लोगों की मौत हो गई है। 85 में से 34 मामले मरकज के हैं। दिल्ली में कोरोना के कुल 1154 मामले में से 746 मरकज़ से जुड़े मामले हैं। आलम ये है कि मरकज के कारण सरकार की सिरदर्दी बढ़ गई है। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच दिल्ली सरकार पूरी दिल्ली को अलग-अलग जोन में बांटने जा रही है। दिल्ली के कंटेनमेंट इलाकों को रेड जोन में डाला गया है।
इसके आसपास आने वाले इलाके ऑरेंज जोन में होंगे, जहां संक्रमण फैलने का खतरा दूसरे इलाकों से बहुत ज्यादा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली के जिन इलाकों में संक्रमित मरीज मिल रहे हैं उन सभी एरिया को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। सरकार इसे रेड जोन के तौर पर देख रही है। शनिवार तक इनकी संख्या 33 थी। कई और इलाके चिह्नित किए गए हैं, जिन्हें एक-दो दिन में कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाएगा। वहां पर भी बहुत सख्त तरीके से ऑपरेशन शील्ड लागू किया जाएगा। देश की राष्ट्रीय राजधानी होने के कारण सबकी नजरें दिल्ली पर टिकी है। केन्द्र और राज्य सरकार दोनों के लिए यह चुनौती बनती जा रही है। ऐसे में अगर लॉकडाउन बढ़ता है तो सरकार को दिल्ली में कोरोना की चेन को तोड़ना बड़ी चुनौती होगी।
महाराष्ट्र, दिल्ली के अलावा तमिलनाडु और राजस्थान में भी कोरोना संक्रमितों के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं। तमिलनाडु में 1043 लोग अब तक कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं, जबिक 11 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, 50 लोग कोरोना से ठीक होकर अपने घर लौट चुके हैं। जबकि, राजस्थान में 804 लोग कोरोना से संक्रमित हैं और तीन लोगों की मौत हुई है। वहीं, 21 लोग ठीक हो चुके हैं। इन दोनों राज्यों में मरने वालों का आंकड़ा भले ही कम है, लेकिन कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार के लिए यह बड़ी चुनौती है कि अगर लॉकडाउन बढ़ता है तो इन चार राज्यों में कोरोना की चेन को कैसे ब्रेक किया जाए?
Published on:
13 Apr 2020 12:54 pm
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