
पीएम मोदी ने चीन की मदद से 3,000 करोड़ में बनवाया स्टेच्यू ऑफ यूनिटी, मेक इन इंडिया को लगा पलीता
नई दिल्ली। देश को एक सूत्र में परोने के लिए विख्यात लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल को आज पूरा देश सलाम कर रहा है। आज उनसे जुड़ी दो अहम बातें हैं, आज सरदार पटेल की 143वीं जयंती हैं, इस दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। साथ ही सरदार वल्लभ भाई पटेल की याद में बनी दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा 'स्टेच्यू ऑफ यूनिटी' भी गुजरात में बनकर तैयार हो गई है। उनकी याद में एक बार भी से देशभर में 'रन फॉर यूनिटी' कार्यक्रम का आयोजन हुआ। एकता की दौड़ लगाकर उन्हें सलाम किया गया है। एकता का संदेश दिया गया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी 'रन फॉर यूनिटी' का आयोजन हुआ। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने दिल्ली में 'रन फोर यूनिटी' के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौड़ को राजनाथ सिंह और राज्यवर्धन सिंह ने हरी झंडी दिखाकर शुरू किया। जिसमें भारत की टॉप जिम्नास्ट दीपा करमाकर समेत अन्य खिलाड़ियों ने भी शिरकत की। दिल्ली में दौड़ लगाने से पहले दीपा करमाकर ने अपनी खुशी भी जाहिर की।
उधर तमिलनाडु में रक्षा मंत्री सीतारमण ने और असम में केद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी फ्लैग ऑफ किया। इस मौके पर सीतारमण ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने 550 रियासतों को एक करने के लिए कड़ी मेहनत की।
बता दें कि भारत के राजनीतिक एकीकरण के लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल के योगदान को यादगार बनाने के लिए उनकी जनमतिथि 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस में मनाया जाता है। इसकी शुरूआत भारत के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने सन 2014 में की। इस दिन एकता का संदेश देते हुए दौड़ लगाई जाती है। पूरे देश में 'रन फॉर यूनिटी' के कार्यक्रमों का आयोजन होता है।
Published on:
31 Oct 2018 09:09 am
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