
गिर वन में 24 घंटे में दो और एशियाई शेरों की मौत, 13 दिन में 13 की दर्दनाक मौत
नई दिल्ली। एशियाई शेरों को पंसद करने वालों के लिए गुजरात से हर रोज दर्दनाक खबर आ रही है। दुनिया में एशियाई शेरों के एकमात्र निवास गुजरात के गिर वन के एक हिस्से में इसी माह आठ दिन के भीतर 11 शेरों की मौत से मची अफरातफरी के बीच पिछले 24 घंटे में दो और शेरों की उसी इलाके में मौत हो गई है।
राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक ए सक्सेना ने बताया कि अमरेली जिले के धारी में गिर वन के पूर्वी हिस्से के दलखानिया रेंज से, जहां गत 12 से 19 सितंबर के बीच दो नर, तीन मादा और छह शावक शेरों की मौत हुई थी, में वनकर्मियों ने तीन से चार साल की एक और शेरनी को बीमार अवस्था में देखा और इलाज मुहैया कराने से पहले ही इसकी मौत हो गई।
इसी क्षेत्र में कल पांच से छह माह के एक शेर शावक को भी बीमार हालत में पाकर उसे जसाधार पशु इलाज केंद्र में भर्ती कराया गया था पर आज उसने दम तोड़ दिया। दोनों ही मामलों मे मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच किये जा रहे हैं। मृत शेरनी के शरीर पर वन विभाग का एक चिप लगा मिला है जिससे पता चला है कि यह गत सितंबर माह में भी बीमार थी। सक्सेना ने कि कल से ही पूरे गिर वन क्षेत्र में वन विभाग की 64 टीमें एहतियात के तौर पर शेरों की तलाश और उनकी निगरानी में लगायी गयी हैं। इनमें से आठ टीमे दलखाणिया में लगायी गयी हैं। वन विभाग ने अधिकतर मौतों के लिए इस क्षेत्र में नये शेरों के प्रवेश के चलते होने वाली वर्चस्व की लड़ाई को कारण बताया है। राज्य के गिर सोमनाथ, जूनागढ़ और अमरेली जिलों में 1400 किमी क्षेत्र में फैले जंगल मे 2015 की अंतिम सिंह गणना के अनुसार कुल 523 शेर थे। श्री सक्सेना ने बताया कि पिछले दो मानसून सत्र के दौरान औसतन 32 शेरों की मौत हुई थी और इस साल अब तक 31 शेरों की मौत हुई है।
Published on:
24 Sept 2018 10:51 pm
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