कोरोना के चलते व्यक्ति की हुई मृत्यु, पड़ौसियों ने अंतिम संस्कार में मदद करने से इनकार किया

पिता के अंतिम संस्कार में उसे पड़ौसियों तथा अन्य स्थानीय लोगों ने सहायता करने से मना कर दिया जिसके बाद उसने अपनी मां और पुलिसकर्मियों के सहयोग से अपने पिता की चिता को आग दी।

नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण के चलते सामाजिक संस्थाएं और मान्यताएं भी विफल होने लगी हैं। नोएड़ा में एक 52 वर्षीय व्यक्ति की कोविड 19 संक्रमण से मृत्यु हो गई। इसके बाद उसकी 15 वर्षीय बेटी को खुद ही अपने पिता का अंतिम संस्कार करना पड़ा। पिता के अंतिम संस्कार में उसे पड़ौसियों तथा अन्य स्थानीय लोगों ने सहायता करने से मना कर दिया जिसके बाद उसने अपनी मां और पुलिसकर्मियों के सहयोग से अपने पिता की चिता को आग दी।

यह भी पढ़ें : भारत को रूस से जल्द मिलेगी स्पुतनिक वैक्सीन, पीएम मोदी की पुतिन से फोन पर चर्चा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गरीबी से जूझ रहा यह परिवार पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना का रहने वाला था। नोएड़ा में वह एक घर में केयरटेकर के रूप में काम कर रहा था। घर के मालिक यहां नहीं रहते। बताया जाता है कि लड़की ने सुबह रोड़ पर जा रही यूपी पुलिस की इमरजेंसी 112 सर्विस पर मदद मांगी जिसके बाद अधिकारियों ने मदद के लिए मैसेज चलाया।

यह भी पढ़ें : कर्नाटक में किसान परिवार के 11 लोगों ने जीती कोरोना से जंग, लोगों से की यह अपील

मामले की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस ने लड़की के परिवार से संपर्क किया और एक एंबुलेंस का इंतजाम कर मृत शरीर को सेक्टर 94 स्थित श्मशान घाट ले गए। पुलिसकर्मियों ने कहा कि हमने स्थानीय लोगों से मदद मांगी परन्तु कोरोना पेशेंट होने के कारण उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद मृत व्यक्ति के अंतिम संस्कार की व्यवस्था की गई। अंतिम संस्कार के समय परिवार का कोई भी पुरुष सदस्य उपस्थित नहीं होने के कारण मृतक की बेटी ने ही चिता को अग्नि दी।

सुनील शर्मा
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned