
भारत में 187, 395 एनजीओ हैं।
जयपुर. गैर सरकारी संगठन यानी एनजीओ समाज उत्थान और उपेक्षित वर्ग की भलाई का काम करते हैं। ये गैर सरकारी और गैर लाभकारी संगठन होते हैं, हालांकि कई देसी-विदेशी संस्थाएं इन कार्यों के लिए वित्तीय मदद देती हैं। एनजीओ का मुख्य उद्देश्य बच्चों की शिक्षा, महिला सुरक्षा, बीमारी, भूखों को मदद जैसे मानव कल्याण के कार्य करना होता है। हालांकि इसकी आड़ में कुछ संगठनों पर निजी लाभ के लिए काम करने के आरोप भी लगते रहते हैं। 27 फरवरी, 2014 को संयुक्त राष्ट्र संघ ने विश्व एनजीओ दिवस मनाने की घोषणा की थी। जहां तक भारत में रजिस्टर्ड एनजीओ की बात है, तो देश में 187, 395 एनजीओ हैं। सबसे ज्यादा 26270 उत्तर प्रदेश में, जबकि सबसे कम लक्षद्वीप में हैं। यहां सिर्फ 8 एनजीओ हैं।
उत्तर के राज्यों में ज्यादा
एनजीओ दर्पण-2023 के मुताबिक 93, 436 एनजीओ हैं उत्तर भारत के राज्यों में, जबकि दक्षिण भारत के राज्यों में 80155 पंजीकृत एनजीओ हैं। उत्तर-पूर्व के आठ राज्यों में 9636 एनजीओ हैं।
45 फीसदी महिला कार्यबल
ग्रेट प्लेस टू वर्क इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, देश के एनजीओ में 45 फीसदी महिला कार्यबल है, जो अन्य उद्योगों की तुलना में 24 फीसदी ज्यादा है। 61 फीसदी कर्मचारी 35 वर्ष से कम उम्र के हैं एनजीओ में।
उत्तर भारत के राज्यों में एनजीओ
राज्य संख्या
उत्तर प्रदेश - 26270
पश्चिम बंगाल - 13381
छत्तीसगढ़ - 2327
दिल्ली-एनसीआर -13763
राजस्थान - 7034
मध्यप्रदेश- 8148
बीआरएसी दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ
बांग्लादेश ग्रामीण उन्नति समिति (बीआरएसी) दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे प्रभावशाली गैर सरकारी संगठन है। 1972 में स्थापित बीआरएसी में 107,259 कर्मचारी हैं। इसकी वार्षिक आय लगभग 1.08 बिलियन अमरीकी डॉलर है। बीआरएसी 6 अलग-अलग देशों में काम कर रहा है जहां बच्चे सीखने के विभिन्न अवसरों तक पहुंच सकते हैं।
Published on:
27 Feb 2024 09:42 pm
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