सरकार के कामकाज में पारदर्शिता दर्शाने के लिए आया किताब लिखने का विचार: वेंकैया नायडू

सरकार के कामकाज में पारदर्शिता दर्शाने के लिए आया किताब लिखने का विचार: वेंकैया नायडू

'इस किताब का विचार लोगों को एक रिपोर्ट प्रस्तुत करना था क्योंकि मेरा मानना है कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता व जवाबदेही होनी चाहिए।'

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति व राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि किताब लिखने का विचार सरकार के कार्यों में पारदर्शिता दर्शाने का था। नायडू ने अपनी किताब 'मूविंग ऑन मूविंग फॉरवर्ड : ए ईयर इन ऑफिस' के विमोचन के मौके पर कहा, 'इस किताब का विचार लोगों को एक रिपोर्ट प्रस्तुत करना था क्योंकि मेरा मानना है कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता व जवाबदेही होनी चाहिए।'

देश की मिट्टी से बने उत्पादों को अपनाएं- नायडू

इस किताब का विमोचन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, डॉक्टर मनमोहन सिंह, लोकसभा की अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली समेत अन्य दिग्गजों की मौजूदगी में किया। नायडू ने कृषि क्षेत्र पर ज्यादा ध्यान देने का आग्रह किया और कहा कि आयातित उत्पादों पर निर्भर होने के बजाय लोगों को अपने देश की मिट्टी में उत्पन्न किए उत्पादों को अपनाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने भी किया संबोधित

पुस्तक विमोचन के मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि सदन जब ठीक से चलता है तो चेयर पर कौन बैठा है, उसमें क्या क्षमता है, क्या विशेषता है, उस पर ज्यादा लोगों का ध्यान नहीं जाता है। सदस्यों के विचार ही ऊपर रहते हैं, लेकिन जब सदन नहीं चलता है तो चेयर पर जो व्यक्ति होता है उसी पर नजर रहती है। वह कैसे अनुशासन ला रहे हैं, कैसे सबको रोक रहे हैं और इसलिए पिछले वर्ष देश को वेंकैया नायडू को निकट से देखने का सौभाग्य मिला।

मनमोहन की मौजूदगी में कांग्रेस पर निशाना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मनमोहन सिंह की मौजूदगी में ही विपक्ष को भी निशाने पर लिया। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि वेंकैया नायडू अनुशासन चाहते हैं और आज अनुशासन की बात कीजिए तो लोग अलोकतांत्रिक, तानाशाही, निरंकुश पता नहीं क्या-क्या कहने लगते हैं। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा समेत कई दिग्गज भी मौजूद थे।

 

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