
नई दिल्ली। मशहूर वकील और पूर्व केंद्रीय मंत्री राम जेठमलानी का निधन हो गया। 95 साल की उम्र में राम जेठ मलानी का निधन हुआ है। राम जेठमलानी पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। फिलहाल वो राष्ट्रीय जनता दल के राज्यसभा सांसद थे। आज सुबह उन्होंने दिल्ली स्थित अपने आवास पर आखिरी सांस ली। राम जेठमलानी के निधन से राजनीति क्षेत्रों में शोक की लहर है। बता दें कि लोधी रोड स्थित श्मशान घाट पर आज शाम में जेठमलानी का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
वाजपेयी के खिलाफ लड़ा चुनाव
अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में राम जेठमलानी केंद्रीय मंत्री रह चुके थे। उन्होंने कानून, न्याय और कंपनी अफेयर मंत्री और शहरी विकास मंत्रालय का पद भी संभाला था।
जेठमलानी भाजपा के टिकट पर मुंबई से दो बार लोकसभा का चुनाव भी जीत चुके हैं। हालांकि कई बार वो पार्टी के खिलाफ भी बयान दे चुके हैं। जिसके बाद भाजपा ने पार्टी से बाहर निकाल दिया था। फिर उन्होंने 2004 में लखनऊ से अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ चुनाव लड़ा । लेकिन वो हार गए । 7 मई 2010 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना गया।
जेठमलानी की गिनती देश के सबसे महंगे वकीलों में होती थी। जेठमलानी के निधन से शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेठमलानी के निधन पर दुख व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि असाधारण वकील और प्रतिष्ठित व्यक्ति को देश ने खो दिया। मैं भाग्यशाली रहा हूं कि जेठमलानी जी से मिलने का कई बार मौका मिला। जरूरतमंदों की मदद करना जेठमलानी के व्यक्तित्व में था। इमरजेंसी में उनकी लड़ाई को याद किया जाएगा।
राम जेठमलानी के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी दुख जताया। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि विद्वान वकील और धनी व्यक्तित्व को देश ने खो दिया। वो हमेशा जनहित के मुद्दे उठाने के लिए याद किए जाएंगे । साथ ही उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने जेठ मलानी के घर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके साथ ही देश के गृहमंत्री अमित शाह ने जेठमलानी के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि हमने ना केवल एक प्रतिष्ठित वकील खोया है। बल्कि एक महामानव को खो दिया है। अमित शाह जेठ मलानी के घर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार को संत्वाना दी।
राम जेठ मलानी के निधन पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी दुख व्यक्त किया है। राजनाथ सिंह जेठमलानी के घर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की
सोनिया गांधी ने दुख जताया
वहीं कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राम जेठमलानी के निधन पर दुख व्यक्त किया। केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं मनमोहन सिंह ने भी घर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। साथ ही शरद यादव ने कहा कि जेठ मलानी की खबर सुनकर आहत हूं।
बता दें कि राम जेठमलानी चारा घोटाला मामले में आरोपी लालू प्रसाद यादव से लेकर राजीव गांधी और इंदिरा गांधी की हत्या के आरोपियों तक का केस लड़ा चुके थे। साथ ही सोहराबुद्दीन एनकाउंटर में अमित शाह से लेकर संसद हमले में अफजल गुरु तक की पैरवी कर चुके थे।
17 साल की उम्र में की थी वकालत
राम जेठमलानी का जन्म 14 सितम्बर 1923 को सिंध (पाकिस्तान) में हुआ था। बंटवारे के समय उनका परिवार भारत आ गया था। सबसे खास बात यह रही कि वाकलत करने के लिए 21 साल की उम्र जरूरी थी। लेकिन जेठमलानी 17 साल की उम्र में ही LLB की परीक्षा पास कर ली थी। बाद में जेठमलानी के लिए एक विशेष प्रस्ताव पास कर उम्र सीमा को घटाकर 18 साल किया गया था।
Updated on:
08 Sept 2019 05:37 pm
Published on:
08 Sept 2019 09:20 am
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