
किसी भी पक्ष से नरमी के संकेत नहीं मिलने से सार्थक परिणाम की उम्मीद बहुत कम।
नई दिल्ली। तीनों कृषि कानूनों पर दिल्ली बॉर्डर जारी आंदोलन के बीच किसान नेता दसवें दौर की बातचीत के लिए विज्ञान पहुंच चुके हैं। सरकार और किसान संघों के बीच बातचीत शुरू हो चुकी है। बातचीत में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भी शामिल हैं। लेकिन इस दौर में भी सार्थक परिणाम की उम्मीद बहुत कम है। ऐसा इसलिए कि दोनों पक्ष अपने-अपने स्टैंड पर पहले की तरह कायम हैं।
बातचीत से ही निकलेगा हल
वार्ता शुरू होने से पहले भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि समस्या का हल बातचीत से ही निकलेगा। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों की वापसी से कम पर आंदोलन वापस नहीं लेंगे। साथ ही ट्रैक्टर मार्च भी गणतंत्र दिवस पर निकालेंगे। साथ ही सरकार को स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट भी उसकी भावनाओं के अनुरूप लागू करने होंगे।
ऑल इंडिया किसान फेडरेशन के अध्यक्ष प्रेम सिंह भंगू ने बताया कि पहली बैठक में हमारे नेताओं से स्पष्ट कर दिया था कि अगली बैठक रखते हैं तो मन बना कर आएं। कानून रद्द किए बगैर हल नहीं निकलेगा।
Updated on:
20 Jan 2021 02:45 pm
Published on:
20 Jan 2021 02:39 pm
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