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अभिनेत्री सुष्मिता सेन के खिलाफ वारंट पर रोक, शाहरुख को भी मिली राहत

मामला आयात नीति के उल्लंघन का है। हेरन चोकसे ने टोयटा लैंडक्रूजर सुष्मिता सेन को बेची थी, जो वासु पंडारी नाम के शख्स ने आयात कराई थी। आयात के वक्त चेसिस नम्बर, निर्माण के वर्ष और कीमत संबंधी गलत विवरण दिया गया था। 

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Iftekhar Ahmed

Jul 20, 2017

sushmita sen

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चेन्नई: बॉलीवुड अभिनेत्री सुष्मिता सेन को आयातित लग्जरी कार मामले में निचली कोर्ट की ओर से जारी वारंट पर मद्रास उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है। यह मामला आयात नीति के उल्लंघन का है। पूर्व मिस यूनिवर्स की याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए जस्टिस आर. सुरेश कुमार ने एगमोर की आर्थिक अपराध मामलों की कोर्ट को निर्देश दिया कि इस याचिका की अगली सुनवाई तक जारी किए वारंट की तामील नहीं कराए। यह निर्देश जारी कर हाईकोर्ट ने सुनवाई 2 अगस्त तक के लिए टाल दी।

क्या था मामला
यह मामला कस्टम और गुप्तचर राजस्व निदेशालय ने दर्ज किया था। केंद्रीय एजेंसियों ने पाया कि यह कार विदेश से आयात-निर्यात नीति के टीआर नियम की अनदेखी कर मंगाई गई है। जांच में पता चला कि हेरन चोकसे ने टोयटा लैंडक्रूजर सुष्मिता सेन को बेची थी, जो वासु पंडारी नाम के शख्स ने आयात कराई थी। बाद में पता चला कि आयात के वक्त चेसिस नम्बर, निर्माण के वर्ष और कीमत संबंधी गलत विवरण दिया गया था।

मॉडल न. में की गई हेराफेरी
विवरण में 2004 के मॉडल को 1998 का बताया गया, ताकि कस्टम ड्यूटी से बचा जा सके। 24 जनवरी 2006 को कस्टम एक्ट के तहत डीआरआई ने गाड़ी सीज कर दी। इसके बाद सुष्मिता सेन ने स्वैच्छिक तौर पर 20.31 लाख रुपए के कस्टम शुल्क का अंतर जमा करा दिया।

कोर्ट ने समन भेजकर मांगे साक्ष्य
चूंकि चेन्नई पोर्ट कस्टम अधिकारियों ने इस कार को क्लीयर कर दिया था इसलिए चोकसे और वासु पंडारी पर कस्टम शुल्क की चोरी का मुकदमा एगमोर ईओडब्ल्यू कोर्ट में दायर किया गया। सुष्मिता सेन को कोर्ट ने समन भेजते हुए इन दोनों के खिलाफ साक्ष्य पेश करने को कहा।

मद्रास उच्च न्यायालय से मिली राहत
सुष्मिता सेन को जून महीने में कोर्ट में पेश होकर साक्ष्य देने थे लेकिन वे नहीं आईं। मजिस्ट्रेट ने उनके खिलाफ वारंट जारी कर सुनवाई 20 जुलाई तक के लिए टाल दी थी। इस वारंट को अभिनेत्री ने हाईकोर्ट में चुनौती दी और इस पर स्टे हासिल कर लिया।

गुजरात हाईकोर्ट से शाहरुख खान को राहत
अहमदाबाद। वडोदरा रेलवे स्टेशन पर फिल्म रईस के प्रमोशन के दौरान हुई भगदड़ में एक व्यक्ति की मौत के मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने शाहरुख खान के विरुद्ध निचली कोर्ट की कार्यवाही पर 25 सितंबर तक रोक लगा दी है। वडोदरा की
स्थानीय अदालत ने हाल ही में इस मामले में शाहरुख खान को समन जारी करते हुए 27 जुलाई को कोर्ट में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।

शाहरुख बोले मैं निर्दोष रद्द हो शिकायत
शाहरुख खान की ओर से हाईकोर्ट में लगाई गई गुहार में कहा गया है कि इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है, वह निर्दोष हैं। जिससे उनके खिलाफ दर्ज शिकायत को रद्द किया जाए। वह सिर्फ 20 सेकेन्ड के लिए ही ट्रेन से नीचे उतरते थे। न्यूज रिपोर्ट के चलते स्टेशन पर भीड़ हो गई और उस दौरान मची भगदड़ में व्यक्ति की मौत हुई है। वहीं सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि शाहरुख खान की ओर से प्लेटफॉर्म पर उमड़ी भीड़ पर टी-शर्ट व सॉफ्ट बॉल फेंकी गई। इसके चलते भगदड़ मची।