
Water Crisis
शिमला। इस समय पूरा उत्तर-भारत गर्मी का प्रकोप झेल रहा है। झुलसा देने वाली इस गर्मी में लोग हिल स्टेशनों का रूख कर रहे हैं, लेकिन आफत तो लोगों के लिए पहाड़ों में भी है। दरअसल, हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में इन दिनों पानी का संकट बड़ी समस्या बन गया है, जिसकी वजह से ना सिर्फ वहां के स्थानीय लोग, बल्कि टूरिस्ट भी परेशान हो रहे हैं। इसके साथ ही टूरिज्म पर भी इस समस्या का बहुत गहरा असर पड़ रहा है।
पानी के तरस रही है पहाड़ों की रानी शिमला
शिमला शहर इन दिनों पानी के लिए तरस रहा है। लोगों को दिनभर लंबी-लंबी कतारों में देखा जा सकता है। होटल मालिकों के काम-धंधे पर भी पानी की कमी का असर देखने को मिल रहा है। होटल मालिकों को मजबूरन टूरिस्टों की बुकिंग कैंसिल करनी पड़ रही है। पानी की कमी की वजह से सड़कों पर लोगों का गुस्सा भी दिख रहा है। लोगों ने मुख्यमंत्री के घर प्रदर्शन पर प्रदर्शन भी किया है। लोगों का आरोप है कि जब शिमला के अंदर इतना बड़ा जलसंकट है तो उनके हिस्से का पानी वीआइपी घरों और बड़े होटलों को क्यों दिया जा रहा है।
प्राइवेट टैंकर्स ने दोगुने कर दिए हैं पानी के दाम
मजबूरन स्थानीय लोगों के साथ-साथ होटल मालिकों को अब प्राइवेट वॉटर टैंकर्स पर निर्भर रहना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि प्राइवेट ऑपरेटरों ने पानी के रेट दोगुने कर दिए हैं। 4000 लीटर क्षमता वाले जिस टैंकर का रेट पहले 2500 रुपये था उसका 5000 रुपये तक वसूला जा रहा है। अगर टैंकर आ भी रहा है तो पानी के लिए मारामारी जैसी स्थिति पैदा हो जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार को यहां 20 हजार पर्यटकों ने दस्तक दी थी। लेकिन 60 फीसदी होटलों ने पर्यटकों को कमरे देने से मना कर दिया। होटल उद्योग संघ शिमला के अध्यक्ष मोहिंद्र सेठ ने बताया कि नगर निगम अधिकारियों को एक माह पहले पानी की दिक्कत के बारे में बताया गया था। मगर हालात जस के तस हैं।
आपको बता दें कि भारत में पानी का संकट किसी शहर में इतना पहली बार देखने को मिला है। ऐसे ही हालात साउथ अफ्रीका के केपटाउन शहर में भी बन गए थे, जहां पानी का बड़ा संकट लोगों के सामने खड़ा हो गया था। हालात यहां तक पैदा हो गए थे, कि इंडियन क्रिकेट टीम को भी होटल में ज्यादा पानी इस्तेमाल ना करने की सलाह दी गई थी।
Published on:
30 May 2018 09:57 am
बड़ी खबरें
View Allविविध भारत
ट्रेंडिंग
