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मुंबई हाईकोर्ट ने बारिश से बदहाल शहर के लिए बीएमसी और रेलवे को लगाई फटकार

रेलवे को भी मालूम है कि हर साल उन्हीं रेलवे ट्रैक पर पानी भरता है, इसके बावजूद इससे सबक लेकर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं होती?

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मुंबई हाईकोर्ट ने बारिश से बदहाल शहर के लिए बीएमसी और रेलवे को लगाई फटकार

मुंबई : मुंबई के कई इलाकों में अब भी काफी तेज बारिश जारी है और वहां के निवासियों का काफी बुरा हाल है। चारों तरफ बदइंतजामी नजर आती है। इस स्थिति को संभालने में बीएमसी और रेलवे अब तक विफल रहा है। इस वजह से बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने नाराज होकर इन दोनों विभागों को कड़ी फटकार लगाई है।
बता दें कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 12 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान जताया है। मौसम विभाग, मुंबई के उप महानिदेशक केएस होसालिकर ने जानकारी दी कि इस मौसम में 24 घंटे में हुई यह सर्वाधिक बारिश है और 12 जुलाई तक मुंबई वासियों को बारिश से राहत मिलने की कोई उम्‍मीद नहीं नजर आ रही है।

बारिश के लिए तैयार नहीं है मुंबई
बॉम्बे हाईकोर्ट में बारिश के कारण हुई मुंबई की बदहाली पर नाराजगी जताते हुए बीएमसी और रेलवे दोनों की खिंचाई की और कहा कि क्‍यों उन्‍होंने बारिश से बचाव का पहले से कोई उपाय नहीं किया। कोर्ट ने रेलवे को फटकारा की निचले इलाकों में रेलवे ट्रैक की ऊंचाई मानसून के पहले क्यों नहीं बढ़ाई जाती? जबकि रेलवे को भी मालूम है कि हर साल उन्हीं रेलवे ट्रैक पर पानी भरता है, इसके बावजूद इससे सबक लेकर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं होती?

मुंबई लोकल सेवा के लिए अलग बोर्ड बनाने की बात की
इसके अलावा यह भी कहा कि मुंबई की लोकल सेवा के लिए अलग से रेलवे बोर्ड क्यों नहीं बनाया जाता, ताकि हर बार अनुमति के लिए दिल्ली की तरफ न देखना पड़े।
बता दें कि भारी बारिश की वजह से रेल की पटरियों पर पानी भर गया है। यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर स्थिति के नियंत्रण में आने तक रेल सेवाएं रोक दी गईं हैं।

मुख्‍यमंत्री ने भी मांगी रिपोर्ट
दूसरी तरफ मुंबई में बारिश और उसकी वजह से जमे पानी की वजह से मची तबाही पर कहा कि हम सुरक्षा उपाय कर रहे हैं। मुंबई की सड़कों से पानी निकालने के लिए 150 पंप लगाए गए हैं। इसके अलावा उन्‍होंने यह भी बताया कि उन्‍होंने संबंधित विभागों से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है, साथ में शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े को भी स्‍कूल बंद करने के संबंध में आवश्‍यक निर्देश दिए हैं। उन्‍होंने यह भी कहा कि शिक्षा मंत्री जल्‍द ही इस पर फैसला लेंगे।