
नई दिल्ली। उत्तर भारत में गर्मी का मौसम अब असली रंगत में आने वाली है। खासकर राजस्थान ( Rajasthan ) में अगले कुछ दिनों में गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। मौसम विभाग (weather department) के मुताबिक आगामी कुछ दिनों में प्रदेश में मौसम पूरी तरह से शुष्क रहने के आसार हैं।
अगर ऐसा हुआ तो राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में गर्मी अपना तेवर दिखा सकती है। कई इलाकों में पारा 2 से 3 डिग्री सेल्सियस ( Temperature ) तक बढ़ सकता है। इस दौरान प्रदेश के कई इलाकों में लू चलने के भी आसार हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक कोटा और जोधपुर संभाग में पारा 44 और 45 डिग्री के आसपास पहुंच सकता है। बूंदी,कोटा, झालावाड़, बारां, चूरू, नागौर और पाली समेत कुछ हिस्सों में लू चलने की भी संभावना है।
भारत मौसम समाचार केन्द्र राजस्थान की बात करें तो आमतौर पर यहां मानसून 15 जून के लगभग पहुंच जाता है लेकिन इस साल यह राजस्थान में 25 जून के करीब पहुंचेगा। जयपुर के मौसम केंद्र के निदेशक का कहना है कि राजस्थान में भले ही इस साल मानसून 10 दिन की देरी से पहुंचेगा, लेकिन इस बार इसकी विदाई में भी देरी होगी और लगभग 12 दिन की देरी से मानसून राजस्थान से विदा लेगा।
दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी ( Bay of Bengal ) में उत्पन्न चक्रवाती तूफान अम्फन तेजी से सूबे की तरफ बढ़ रहा है, जिससे भारी नुकसान की आशंका है। बंगाल के तटीय जिलों में आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती हैं। 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी आशंका है। राज्य प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
क्षेत्रीय विशिष्ट मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक आनंद दास के मुताबिक इसके बाद अगले 24 घंटों में यह एक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती तूफ़ान अम्फन ( Amphan ) के उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर शुरू में 17 मई तक चलने की संभावना है और फिर ये उत्तर-पश्चिम की ओर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से 18 से 20 मई के दौरान पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ेगा।
अंडमान सागर, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अगले पांच-छह दिनों तक खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल में हल्की से मध्यम बारिश होगी।
ओडिशा सरकार ( Odisha Government ) ने तटीय इलाके के 12 जिला कलेक्टरों को गंभीर स्थिति के लिए तैयार रहने के लिए कहा है। ओडिशा सरकार ने कहा है कि समुद्र की स्थिति दक्षिण और आसपास के बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर से अधिक तेज होगी, जिसके कारण मछुआरों को 15 मई से दक्षिण और मध्य महासागर में नहीं जाने की चेतावनी दी गई है। जो लोग इन क्षेत्रों में समुद्र में हैं, उन्हें आज शाम तक वापस लौटने की सलाह दी गई है।
Updated on:
17 May 2020 08:06 am
Published on:
17 May 2020 07:58 am
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