
जान लेकर जाती है निपाह वायरस, जानिए बचने का सबसे सटीक उपाए
नई दिल्ली। जानलेवा निपाह वायरस लगातार लोगों को मौत की नींद सुला रहा है। इस लाइलाज बीमारी ने अबतक कई परिवारों से उनके चिराग छिन लिए हैं। वायरस के विकराल रूप का अंजादा इसी से लगता है कि केरल सरकार ने इससे बचने के लिए 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम बनाया है। पूरे देश में इसे लेकर लोगों में दहशत है।
आइए आपको बताते हैं कि आखिर क्या है निपाह वायरस और कैसे करें इससे बचाव
कैसे फैलता है जानलेवा निपाह वायरस
निपाह वायरस चमगादड़ों से फैलता है। संक्रमित चमगादड़ों,सुअरों और एनआईवी से ग्रस्त लोगों के साथ सीधे तौर पर संपर्क में आने से एनआईवी फैल रहा है। इससे जानवर और इंसान दोनों प्रभावित होते हैं।
कैसे करें खुद का बचाव
- निपाह से पीड़ित व्यक्ति से पास न जाएं।
- इस वायरस से जिनकी मौत हुई हो, उनके शव और कपड़ों से दूर रहें।
- इस जानलेवा बीमारी से बचने के लिए खजूर और उसके पेड़ से निकलने वाले फल और रस का उपयोग न करें।
- गिरे हुए फल नहीं खाने चाहिए।
- बीमार सुअर, घोड़े और दूसरे जानवरों से दूरी बनाए रखनी चाहिए।
- जानवरों के संपर्क में आने से पहले खुद को सुरक्षित कर लें।
- तेज बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाए, घरेलू उपचार में समय बर्बाद न करें।
20 साल पहले हुआ था पहला हमला
दुनिया में पहली बार निपाह वायरस का हमला 1998 में हुआ था। 20 साल पहले मेलिशाय के कांपुंगा सुंगई निपाह में ये मामला सामने आया था।
अबतक नहीं बना कोई वैक्सीन
सबसे परेशान करने वाली बात ये है कि अबतक इस वायरस का कोई इलाज नहीं मिल पाया है। जानवरों और इंसानों के लिए किसी तरह की वैक्सीन बनाने में अबतक डॉक्टरों को सफलता नहीं मिल पाई है। इस बीमारी से पीड़ित मरीज की देखभाल डॉक्टर आईसीयू में रखकर करते हैं।
चमगादड़ों को कुएं में कर रहे बंद
केरल में निपाह वायरस के कारण कुछ ही सप्ताह के भीतर पीरमबाड़ा में दो भाइयों और उनके एक रिश्तेदार की मौत हो गई थी। मृत हुए साबिथ और उसके भाई के घर पर स्वास्थ्य अधिकारी गए और उन्होंने पाया कि उनके घर में एक कुंआ था। जिसका उपयोग नहीं किया जाता था लेकिन उसमें बहुत से चमगादड़ भरे पड़े थे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कुएं के ऊपरी हिस्से को बंद कर दिया, ताकि बचे हुए चमगादड़ बाहर न आएं।
Published on:
26 May 2018 12:32 pm
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