अमरावती। महाराष्ट्र के अमरावती जिले में एक महिला को आखिरकार आजादी मिल ही गई। इस महिला को उसके ससुरालवालों ने करीब एक साल से कमरे में बंद करके रखा हुआ था। आखिरकार महिला के परिजनों ने उसे आजाद करवा ही लिया। महिला का आरोप है कि ससुरालवालों ने पति की मौत के बाद उसे एक कमरे में बंद कर दिया और खाने के लिए भी कुछ नहीं दिया। महिला का अमरावती के गवर्नमेंट अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पीडि़ता की कुछ साल पहले माहूर गांव के सुरेश दूधे से शादी हुई थी। दोनों के तीन बच्चे भी थे। करीब एक साल पहले सुरेश की सड़क हादसे में मौत हो गई। पीडि़ता का आरोप है कि ससुराल वाले सुरेश की मौत के लिए उसे जिम्मेदार मानते थे। इसके बाद से ही उसे प्रताडि़त करना शुरु कर दिया। उसके एक कमरे में बंद कर दिया। घर से बाहर निकले और किसी से भी बात करने पर पाबंदी लगी दी। पीडि़त महिला का आरोप है कि उसे खाना नहीं दिया जाता था। वहीं खाना मांगने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी। महिला ने बताया कि उसने बच्चों के बचे हुए खाने से किसी तरह अपनी जिंदगी बिताई।
पीडि़ता को अपने माता-पिता से बात करने की मनाही थी। उनके इस हाल को देखते हुए पड़ोस के कुछ लोगों ने उसके पिता को फोन कर इसकी जानकारी दी। इसके बाद पीडि़ता के पिता कुछ लोगों के साथ ससुराल पहुंचे और उसे कमरे से आजाद करवाया। ससुराल से आजाद हुई महिला का अमरावती के एक हॉस्पिटल में इलाज जारी है। डॉक्टरों का कहना है कि खाना न मिलने के कारण उसकी हालत काफी खराब हो गई है।