टोक्यो ओलंपिक भारतीय महिला हॉकी टीम शुक्रवार को ब्रॉन्ज मेडल जीतने से चूकी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला हॉकी टीम को खुद फोन किया और उनका हौसला बढ़ाया।
नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) भारतीय महिला हॉकी टीम शुक्रवार को ब्रॉन्ज मेडल जीतने से चूकी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय महिला हॉकी टीम को खुद फोन किया और उनका हौसला बढ़ाया। पीएम मोदी से बात करते समय कई हॉकी खिलाड़ी फूट-फूटकर रोने लगीं। प्रधानमंत्री ने उनको ढांढस बनाया और खेल में हार और जीत को चलती रहती है। बेटियों ने देश का मान बढ़ाया है। भारतीय टीम पहली बार ओलंपिक सेमीफाइनल में पहुंची।
देश की करोड़ों बेटियों के लिए प्रेरणा
फोन पर पीएम मोदी के साथ बातचीत के दौरान कई खिलाड़ियों की आंखों से आंसू निकल रहे थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि आप सभी ने खेल के दौरान खूब पसीना बहाया है। आपका पसीना पदक नहीं ला सका। यह देश की करोड़ों बेटियों के लिए प्रेरणा की बात है। उन्होनें कहा कि आप सभी ने बहुत बढ़ियां खेला है। पांच-छह साल से आपने पसीना बहाया है। मैं सभी को बधाई देता हूं।
नवनीत की चोट का किया जिक्र
पीएम मोदी ने इस बातचीत के दौरान नवनीत की चोट का भी जिक्र किया। पीएम ने एक खिलाड़ी नवनीत की आंख पर आई चोट का जिक्र किया तो टीम की कैप्टन रानी ने कहा कि जी चार टांके लगे हैं। इस पर पीएम ने कहा- अरे बाप रे मैं देख रहा था उसको काफी… अभी ठीक है उसकी आंख को तो कोई तकलीफ नहीं है ना। उन्होंने सलीमा के खेल का भी सराहना किया। प्रधानमंत्री ने इस बातचीत के दौरान खिलाड़ियों से आंसू नहीं बहाने की अपील की।
ब्रिटेन से 3-4 हारी भारत
आपको बता दें कि भारतीय टीम शुक्रवार को कांस्य पदक के प्लेऑफ में करीबी मुकाबले में ग्रेट ब्रिटेन से 4-3 से हार गई। ब्रिटेन ने हॉफ-टाइम में 3-2 से आगे थी, लेकिन अंग्रेजों ने दूसरे हाफ में जोरदार वापसी की और ओलंपिक में केवल तीसरे प्रदर्शन में ब्रिटेन से 3-4 से हारकर भारत कांस्य से चूक गई। भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच शुअर्ड मरीन ने कहा कि उनकी टीम ने भले ही ओलंपिक में पदक नहीं जीता हो, लेकिन उनके खिलाड़ियों ने कुछ बड़ा हासिल किया है।