
दुनिया के बड़े गैस रिसाव और धमाकों के हादसे
नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश ( Andhra Pradesh ) के विशाखापट्टनम ( Visakhapattnam ) स्थित विशाखा एलजी पॉलिमर कंपनी ( Vizag gas leakage ) में गैस रिसाव से हुए बड़े हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया है। इस पूरे हादसे में अब तक 8 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि हजारों लोग इस गैर रिसाव की जद में आने से प्रभावित हुए हैं। गैस रिसाव ( Gas leakage ) की वजह से हुए इस हादसे ( Disaster ) ने उन जख्मों को भी हरा कर दिया है दुनियाभर के अलग-अलग देशों में अपनी कड़वी यादें छोड़ गए।
चाहे कनाडा हो या फिर चीन, यूक्रेन हो या फिर भारत गैस रिसाव और इन धमाकों की गूंज ने पूरी दुनिया ने सुनी। लोगों की चीख और पुकार हर उस दिल को दुखाया जिसके कानों और आंखों ने इस मंजर को महसूस किया। आईए जानते दुनिया के ऐसे ही गैस रिसाव और धमाकों से जुड़े बड़े हादसे जो अब भी अपने जख्मों से उबर नहीं पाए हैं।
1. चीन के तियानजिन में भीषण हादसा
12 अगस्त को चीन ( China ) के तियानजिन बंदरगाह ( Tianjin port ) में दो विस्फोट हुए। इन विस्फोटो में 173 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। इन विस्फोटों को चीन के आधुनिक इतिहास की सर्वाधिक भयावह औद्योगिक त्रासदी कहा गया। मृतकों में 104 दमकल कर्मी, 11 पुलिस अधिकारी और 55 नागरिक शामिल थे। हादसे में 700 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
भारी मात्रा में थे जहरीला रसायन
जब विस्फोट हुए थे, तब बंदरगाह में भारी मात्रा में जहरीले रसायन संग्रह करके रखे गए थे। इनमें करीब 700 टन सोडियम सायनाइड भी था। विस्फोटों से आसपास की कई रिहायशी इमारतों को नुकसान हुआ।
2. यूक्रेन के परमाणु ऊर्जा सयंत्र में हादसा
इतिहास में सबसे भयानक परमाणु ऊर्जा संयंत्र आपदा 26 अप्रैल, 1986 को हुई। जब यूक्रेन के चर्नोबिल पावर प्लांट के रिएक्टर 4 में एक विस्फोट ने यूरोप और सोवियत संघ पर रेडियोधर्मिता के एक बादल का काला साया मंडराया।
विस्फोट में 31 लोग मारे गए, लेकिन दीर्घकालिक प्रभाव अभी भी है। लगभग 4,000 लोग प्रभावित हुए। हादसे के वक्त जो बच्चे थे वो अब तक थायराइड और कैंसर जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं।
दरअसल उस रात चेरनोबिल न्यूक्लियर प्लांट में स्थानीय बिजली के गुल होने की स्थिति को लेकर टेस्ट किया जा रहा था। कोशिश यह थी कि बिजली जाने और डीजल जेनरेटरों के चलने तक एक टर्बोजेनरेटर फीड वॉटर पम्पों को पावर दे सकता है। लेकिन इसकी वजह से पैदा होने वाली बिजली में एक फीसदी कमी आई। रिएक्टर में सॉलिड वाटर भर गया। रिएक्टर की स्थिति अस्थिर हो गई और दो बड़े विस्फोट ने सबकुछ बदलकर रख दिया।
3. फिलिप्स पेट्रोलियम कंपनी के संयंत्र में विस्फोट
23 अक्टूबर 1989 को, टेक्सास के पासाडेना में फिलिप्स पेट्रोलियम कंपनी के संयंत्र में विस्फोटों की एक श्रृंखला में 23 लोगों की मौत हो गई और 314 घायल हो गए।
ये हादसा भी एक एथिलीन रिसाव की वजह से हुआ। जिसे अमरीकी सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रशासन ने अपर्याप्त सुरक्षा प्रक्रियाओं के लिए जिम्मेदार ठहराया।
4. भोपाल गैस त्रासदी
यूनियन कार्बाइड कंपनी की फैक्ट्री में गैस पाइप में पहुंचने लगी। वॉल्व ठीक से बंद नहीं होने के कारण टॉवर से गैस का रिसाव शुरू हो गया। टैंक पर इमरजेंसी प्रेशर पड़ा और 45-60 मिनट के अंदर 40 मीट्रिक टन एमआईसी का रिसाव हो गया। इसके बाद टैंक से निकल जहरीली गैस बादल बनकर आसमान में फैल गई।
टैंक से रिसाव के बीच बादलों में नाइट्रोजन ऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड, मनोमेथलमीन, हाइड्रोजन क्लोराइड, कार्बन मोनोक्साइड, हाइड्रोजन सायनाइड और फॉसजीन गैस समेत 7 गैस मौजूद थीं। इस हादसे 3787 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई जबकि 5 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए।
5. हैलिफैक्स में धमाका
कनाडा में 6 दिसबंर 1917 का दिन आज भी काले दिन के रूप में जाना जाता है। जब यहां सबसे घातक औद्योगिक आपदा ने दस्तक की। एक फ्रांसीसी मालवाहक जहाज युद्ध के दौरान भरी मालवाहक नाव से हैलिफैक्स हार्बर में एक नॉर्वेजियन जहाज से टकरा गया, जिससे हैलिफैक्स में भारी विस्फोट हुआ।
मलबे, आग और इमारतों के गिरने से लगभग 2,000 लोग मारे गए और 9,000 से अधिक घायल हो गए।
Published on:
07 May 2020 02:39 pm
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