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विश्व रेडियो दिवस: जानिए क्यों आज भी कम नहीं हुई इसकी लोकप्रियता

प्रधानमंत्री मोदी के खास कार्यक्रम 'मन की बात' ने भी लोगों के अंदर रेडियो के प्रति दीवानगी और बढ़ा दी है।
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नई दिल्ली

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Shiwani Singh

•

Updated: 13 Feb 2019, 10:49 AM IST

world radio day

विश्व रेडियो दिवस: जानिए क्यों आज भी कम नहीं हुई इसकी लोकप्रियता

नई दिल्ली। आज विश्व रेडियो दिवस है। 13 फरवरी को पूरे विश्व में रेडियो दिवस के रूप में मनाया जाता है। मोबाइल और इंटरनेट के इस दौर में आज भी रेडियो के लिए लोगों की दीवानगी देखने को मिलती है। समय के साथ-साथ रेडियो के स्वरूप में भी बदलाव हुआ है, लेकिन फिर भी इसकी लोकप्रियता बरकरार है। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी के खास कार्यक्रम 'मन की बात' ने भी लोगों के अंदर रेडियो के प्रति दीवानगी और बढ़ाया है।

रेडियो का बदला स्वरूप

टेक्नोलॉजी के इस दौर में रेडियो के आकार और सुनने के तरीकों में काफी बदलाव आया है। अब रेडियो ट्रांजिस्टर का बड़ा सा बॉक्स लोगों के मोबाइल और कार का एक फीचर बन चुका है। अब लोगों को रेडियो सुनने के लिए के समय और स्थान देखने की जरूरत नहीं। लोगों का रेडियो उनके स्मार्टफोन में उनके साथ ही चलता है।

फ्रीक्वेंसी का बढ़ता दायरा

याद हो की जब टेक्नोलॉजी ने इतने पैर नहीं पसारे थे। तब किसी एक घर में रेडियो का बॉक्स दिखता था, जिसमें लगे एंटिना के सहारे किसी रेडियो स्टेशन की फ्रीक्वेंसी को सेट कर उसे बजाया जाता था। घर के कोने में, छत पर, हर जगह रेडियो स्टेशन की साफ अवाज को कैच करने की कोशिश की जाती थी। लेकिन अब टेक्नोलॉजी ने फ्रीक्वेंसी को लेकर आने वाली इन दिक्कतों को खत्म कर दिया है। अब हर शहर में रोडियो स्टेशन खुले हुए हैं।

दुर्गम स्थानों पर सूचना का माध्यम

आपको बता दें कि रेडियो आज भी देश के उन इलाकों में सूचना पहुंचाने का माध्यम बना हुआ है, जहां बिजली की पहुंच नहीं हो पाई है। चाहे ऊंचे-ऊंचे पहाड़ हों, बर्फीली वादियां या रेतीले मैदान इन जगहों पर आज भी रेडियो सूचना का एक सशक्त माध्यम है। देश-दुनिया की ख़बरें और सरकारी योजनाओं की जानकारी आज भी इन जगहों पर रहने वाले लोगों को रेडियो के जरिए ही दी जाती है।

प्रचार का सशक्त माध्यम

रेडियो की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि राजनीतिक पार्टियों के लिए अब यह प्रचार का एक जरूरी अंग बन गया है। सरकारी रेडियो स्टेशन के अलावा इतने प्राइवेट स्टेशन खुल चुके हैं जो लोगों तक आसानी से पहुंच बनाते हैं। इनका उपयोग कर राजनीतिक पार्टियों से लेकर किसी सामान का प्रचार कर उसे आम आदमी तक आसानी से पहुंचाया जा रहा है।

क्यों मनाया जाता है 'विश्व रेडियो दिवस'

आपको बता दें कि विश्व रेडियो दिवस मनाए जाने की शुरूआत अभी हाल ही में शुरूआत हुई है। साल 2011 में यूनेस्को ने विश्वस्तर पर रेडियो दिवस मनाने का निर्णय लिया। इस लिए 13 फरवरी का दिन ‘विश्व रेडियो दिवस’ के रूप में चुना गया, क्योकि 13 फ़रवरी 1946 से ही रेडियो यूएनओ यानी संयुक्त राष्ट्र संघ ने अपने रेडियो प्रसारण की शुरुआत की थी।