
may day
नई दिल्ली। पेरिस में राष्ट्रपति एम्युअल मैक्रोन के खिलाफ सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने जमकर उत्पात मचाया। पुलिस के अनुसार करीब 200 प्रदर्शनकारियों को दंगे फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इन प्रदर्शनकारियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए मास्क लगा रखे थे और काली जैकट पहन रखीं थी। प्रशासन के अनुसार मई दिवस के मौके पर लगातार कई श्रम संगठन प्रदर्शन कर रहे थे, मगर मंगलवार को अचानक यह प्रदर्शन उग्र हो गया। करीब 1200 की तादाद में लोग सड़कों पर उतर आए और जमकर तोड़फोड़ की। उन्होंने मेकडोनाल्ड रेस्टोरेंट में तोड़फोड़ के साथ आग लगाने की कोशिश की। इसके साथ कई वाहनों में आग लगा दी।
कई वाहन आग के हवाले कर दिए
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों को क्षति भी पहुंचाई और आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शनकारी इतनी अधिक संख्या में थे कि पुलिस को अतिरिक्त सुरक्षाबलों की जरूरत पड़ गई। पुलिस ने आंदोलकारियों को रोकने के लिए वॉटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारी सरकार की श्रम नीति नीति का विरोध कर रहे थे। उनका कहना था कि सरकार की पूंजीवाद नीति ने देश को बर्बाद कर दिया है। विरोध कर रहे लोगों ने इसके लिए राष्ट्रपति मैक्रोन को जिम्मेदार ठहराया है।
पहले से ही थी तोड़फोड़ की आशंका
गौरतलब है कि मई माह को श्रम माह के रूप में देखा जाता है। फ्रांस की नीति के कारण सरकारी नौकरियां कम हो रही हैं। यहां पर निजी कंपनियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार अपने कामकाज में भी निजी कंपनियों को बढ़ावा दे रही है,ऐसे में कई श्रम संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। पुलिस को इस तरह के उग्र प्रदर्शन का पहले से अंदेशा था। इसके लिए उसने पहले से पूरी तैयारियां कर रखी थी। प्रशासन का कहना कि आगे भी इस तरह के उग्र प्रदर्शनों का सामना करना पड़ सकता है। भीड़ के वेश यह प्रदर्शनकारी शांति की बजाय हिंसा का सहारा लेते हैं।
Published on:
02 May 2018 09:50 am
