
कैप्टन टॉम मूरे
लंदन। 99 साल के बुजुर्ग का जज्बा देखकर सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ हो रही है। कोरोना वायरस से लड़ने के लिए वे 100 बार बगीचे का चक्कर लगाते हैं। उनकी कमर उम्र के हिसाब से झुक गई है और शरीर भी कमजोर हो गया है लेकिन जोश में कोई कमी नहीं है।
द्वितीय विश्वयुद्ध में हिस्सा ले चुके कैप्टन टॉम मूरे का कहना है कि वह इस तरह की कठिन वॉक इसलिए कर रहे हैं ताकि कोरोना से जंग लड़ रही स्वास्थ्य संस्था एनएचएस की मदद के लिए वह फंड जुटा सकें। वह अपने देश को कोरोना की गिरफ्त में फंसे देखकर बेहद दुखी हैं और वह इसके लिए मदद करना चाहता है।
टॉम ने इस अनोखे प्रयास से अब तक 2.5 मिलियन पाउंड की रकम जुटा ली है। वह इसे दान कर देंगे। कैप्टन टॉम ने कहा कि वह एनएचएस की तरफ से उन्हें मिली सेवा के लिए आभारी हैं और वह अब बदले में उनके लिए कुछ करना चाहते हैं। ब्रिटेन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 12 हजार के पार तक पहुंच चुकी है। वहीं 93 हजार लोग संक्रमित हैं जिसने एनएचएस पर भार बढ़ा दिया है।
कैप्टन ने ट्वीट कर कहा कि वे कैप्टन टॉम मूरे हैं। वे एक वॉर वेटरन हैं और उनकी उम्र 99 साल है और जल्द ही 100 साल के हो जाएंगे। उनके इस प्रयास की ट्विटर पर भी काफी सराहना की जा रही है। ट्विटर यूजर्स ने उन्हें सच्ची प्रेरणा करार दिया।
गौरतलब है कि कोरोना से लड़ रहे एनएचएस के डॉक्टरों की पूरे देश में तारीफ हो रही है। यहां तक की पीएम बोरिस जॉनसन ने भी उनके काम सराहना की है। जॉनसन भी कोरोना के शिकार हो चुके हैं। उन्हें पिछले सोमवार को अस्पताल के आईसीयू वार्ड में शिफ्ट किया गया था और शनिवार को उन्हें छुट्टी दे दी गई। अब वह बिल्कुल ठीक हैं।
Updated on:
15 Apr 2020 01:02 pm
Published on:
15 Apr 2020 01:01 pm
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