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व्यभिचार को लेकर दुनिया के कई मुल्कों में भारत से उल्टा कानून, महिलाओं को सजा

दुनिया के कई देशों में व्यभिचार कानून अभी भी लागू है और इसके चलते पुरुषों पर तो कोई आंच नहीं आती लेकिन महिलाओं को दंड भुगतना पड़ता है।
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नई दिल्ली

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Amit Kumar Bajpai

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Updated: 28 Sep 2018, 10:55 AM IST

Adultery Act Worldwide

व्यभिचार को लेकर दुनिया के कई मुल्कों में भारत से उल्टा कानून, महिलाओं को सजा

नई दिल्ली। विवाहेतर संबंधों को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। दुनिया के तमाम देशों की ही तरह सर्वोच्च न्यायालय ने 158 साल पुराने व्यभिचार रोकने वाले कानून को अपराध के दायरे से बाहर कर दिया। हालांकि दुनिया के कई देशों में यह कानून अभी भी लागू है और इसके चलते पुरुषों पर तो कोई आंच नहीं आती लेकिन महिलाओं को दंड भुगतना पड़ता है। वैसे यूरोपीय यूनियन, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में भी इस कानून को पहले ही हटाया जा चुका है। जानिए दुनिया के प्रमुख मुल्कों में क्या हैं नियम।

पाकिस्तानः महिला साबित करती है कि उससे बलात्कार हुआ

1979 में हुदुद अध्यादेश पारित कर इसे अपराध के रूप में बरकरार रखा गया। यहां महिलाओं के लिए काफी कठोर कानून बना है। व्यभिचार का मामला सामने आने के बाद महिला को उसे साबित करने के लिए 4 पुरुषों की गवाही की जरूरत पड़ती है। अगर वह आरोप साबित नहीं कर पाती तो उस पर व्यभिचार का मामला चलाया जाता है।

ताइवानः पुरुष को माफी, महिलाएं कोर्ट में

ताइवान में व्यभिचार को गंभीर अपराध माना जाता है। इसके लिए एक साल की सजा का प्रावधान है। ताइवान के लैंगिक समानता के लिए लडऩे वाले कार्यकर्ता चेन यी-चियान के मुताबिक पुरुष पकड़े जाने पर आमतौर पर माफी मांग लेते हैं। अक्सर पत्नी माफ कर देती हैं, लेकिन अगर कोई महिला इस मामले में फंसती है तो उसे अदालत तक घसीटा जाता है।

चीन: आपराधिक श्रेणी से बाहर

इसे नागरिक अपराध माना गया है। इस कानून का उल्लंघन करने पर जुर्माने का प्रावधान है। इसे तलाक का एक मजबूत आधार माना गया है।

फिलीपींसः महिला को 6, पुरुष को 4 साल सजा

यह कानून लैंगिक विषमता को दर्शाता है। अगर कोई महिला विवाहेतर संबंध रखती है तो यह दंडनीय अपराध है। महिला को 6 साल की सजा सुनाई जा सकती है। दूसरी ओर पुरुष के लिए तब ही सजा का प्रावधान है, जब पत्नी उसके खिलाफ आरोप साबित कर पाए। आरोप साबित होने पर पति को अधिकतम चार साल की सजा दी जा सकती है।

अमरीकाः केवल 20 राज्यों में ही लागू

अमरीका के 20 राज्यों में व्यभिचार अपराध की श्रेणी में है। विस्कॉन्सिन, मिशिगन, इडाहो, ओकलामोमा और कुछ राज्यों में तो इसे घोर अपराध की श्रेणी में रखा गया है। विस्कॉन्सिन में इस अपराध के लिए साढ़े तीन साल की सजा या 7 लाख रुपए के जुर्माना का प्रावधान है। हालांकि कागज पर कठोर कानून होने के बावजूद इस कानून का कभी-कभार ही प्रयोग किया जाता है।

अन्य इस्लामिक देश

शरिया के अनुसार कानून चलने वाले देशों में विवाहेतर संबंध अपराध माने गए हैं। सऊदी अरब, सोमालिया, ब्रुनेई, ईरान, सूडान, अफगानिस्तान के कुछ हिस्सों और नाइजीरिया में यह कानून लागू है। जहां पुरुष बच जाते हैं, दोष महिलाओं पर ही मढ़ा जाता है।